Rashi parivartan 2020 of Mercury Planet : वक्री बुध जा रहे हैं तुला राशि में, जानें इनका आप पर असर

- परेशानियों से बचने के उपाय...

- सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव...

- 14 अक्टूबर, 2020 को करेंगे गोचर...

नवग्रहों में राजकुमार यानि बुध को एक तटस्थ ग्रह माना जाता है, परंतु विभिन्न ग्रहों से युति के कारण इसके फलों में भी परिवर्तन देखने को मिलते हैं। बुध ग्रह, हमारी जन्म कुंडली में स्थित 12 भावों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। वहीं सप्ताह में इसका दिन बुधवार माना गया है, साथ ही इस दिन के व इस ग्रह के कारक देव श्री गणेश जी माने जाते हैं। ऐसे में यहीं बुध 14 अक्टूबर, 2020 को वक्री चाल करते हुए वृश्चिक राशि से तुला राशि में गोचर करने जा रहे हैं। जिसका सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ेगा।

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार बुध ग्रह शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो यह शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की संगति में अशुभ फल देता है। बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। कन्या इसकी उच्च राशि भी है जबकि मीन इसकी नीच राशि मानी जाती है। 27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। हिन्दू ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना जाता है। सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शुत्र ग्रह हैं। बुध का वर्ण हरा है और इसका रत्न पन्ना है, लेकिन ध्यान रखें किसी भी राशि का कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी जानकार की सलाह अवश्य लें।

MUST READ : फिर आ रहा है एक और ग्रहण 2020, जानें तारीख, सूतक काल का समय और आप पर असर

https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/when-is-the-next-lunar-eclipse-in-2020-good-and-bad-effects-on-you-6440523/

ज्योतिष के जानकार वीडी श्रीवास्तव के अनुसार व्यापार, बुद्धि, हमारी वाणी, आदि के कारक माने जाने वाले बुध देव का, तुला राशि में वक्री होना, ज्योतिष शास्त्रों में बेहद महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जाता है। वैदिक शास्त्र अनुसार, बुध मुख्य रूप से बुद्धि, वाणी, चेतना, व्यापार, सांख्यिकी और त्वचा आदि का कारक होता है और अब यही लाभ दाता ग्रह बुध, अपनी वक्री गति करते हुए, 14 अक्टूबर 2020, बुधवार को, तुला राशि में सुबह 6.00 बजे अपना गोचर करेगा। जबकि इसके बाद मार्गी होकर वह पुनः 03 नवंबर 2020, मंगलवार को, रात 10 बजकर, 46 मिनट पर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएगा।

वक्री बुध इस गोचर के चलते कई राशि के जातकों के जीवन में बहुत सी परेशानी लेकर आने वाला है। क्योंकि इस प्रकार बुध के इस वक्री अवस्था में होने वाले गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप से देखने को मिलेगा।

MUST READ : ये मूंगा आपको बनाएगा करोड़पति, बस इस एक बात का रखना होगा ध्यान

https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/this-moonga-stone-will-change-your-world-6441938/

वक्री बुध आपकी राशि पर किस तरह डालेगा प्रभाव:- effects of rashi parivartan of Budh Grah

1. मेष राशि
आपकी राशि के तीसरे और छठे भाव का स्वामी बुध इस गोचर के दौरान वक्री अवस्था में आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी और जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। चूंकि सप्तम भाव का सीधा संबंध वैवाहिक जीवन से है तो, निश्चित रूप से बुध के इस वक्री गोचर का प्रभाव, आपके शादीशुदा जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव लेकर आ रहा है।

इसके अलावा यदि आप पार्टनरशिप का बिज़नेस कर रहे हैं तो इस समय अपने साझेदार से, संबंध बेहतर बनाकर चलने की ज़रूरत होगी, अन्यथा विवाद होने की आशंका, अधिक बनती दिखाई दे रही है। प्रेमी जातकों के जीवन में कोई पुराना ख़ास मित्र, इस वक्री गोचर के दौरान पुनः लौट सकता है, जिससे आपके रिश्ते में दूरियां आने की आशंका रहेगी। हालांकि प्रियतम संग हर विवाद को सुलझाने से आप दोनों, खुद को एक दूसरे के बेहद करीब लानें और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने में सफल होंगे।

वहीं यदि आप शादी के बंधन में बंधना चाहते हैं तो, अभी शादी की तारीख को बुध के मार्गी होने तक टाल दें, अन्यथा परेशानी हो सकती है।

उपाय: नियमित रूप से “विष्णु सहस्रनाम” का जप करें।


2. वृषभ राशि
बुध आपकी राशि के लिए दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान अपनी वक्री अवस्था में वह आपके षष्टम भाव में प्रवेश करेगा। छठे भाव के द्वारा जीवन में संघर्षों के बारे में पता चलता है। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु व रोग भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। ऐसे में बुध का ये वक्री गोचर आपके लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहा है।

बुध देव विचारों के कारण होते हैं, ऐसे में अपने विचार और सुझावों को किसी के साथ भी सांझा करते समय, विशेष सावधान रहें, अन्यथा आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है, जिससे आपको ही परेशानी होगी। आर्थिक रूप से भी, समय थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है, इसलिए किसी भी तरह के लेन-देन से, इस समय बचकर रहना ही आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने धन को खर्च करते समय सतर्क रहें, क्योंकि योग बन रहें हैं कि घर-परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य के ऊपर, आपको अचानक से अपना धन ख़र्च करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक तंगी तक होने की आशंका रहेगी।

यदि आपने किसी को पैसे उधारी पर दिए थे तो, इस गोचर के दौरान उनके वापस मिलने की संभावना थोड़ी कम ही दिखाई दे रही है। सेहत के प्रति सावधानी बरतें, क्योंकि आशंका है कि, आपका कोई पुराना रोग आपको पुनः परेशान कर सकता है। खुद को हर प्रकार के मानसिक तनाव से दूर रहें।


उपाय: नियमित रूप से तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें।


3. मिथुन राशि
आपकी राशि का स्वामी होने के साथ-साथ आपके चतुर्थ भाव का स्वामी बुध ग्रह अपने इस गोचर के दौरान वक्री गति से आपके पंचम भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान व बुद्धि भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है।

दांपत्य जीवन में वक्री बुध के गोचर के दौरान आपको अपनी संतान के साथ समय बिताने का मौका भी मिलेगा। वहीं ज्योतिष में कुंडली के पंचम भाव से, रोमांस और प्रेम का भी ज्ञात होता है, इसलिए वक्री बुध के गोचर के दौरान आप अपने प्रियतम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में असफल रहेंगे। इससे आपका प्रेमी आप से नाराज़ भी हो सकता है। वहीं, यदि आप अभी तक सिंगल थे तो, इस समय किसी भी तरह के नए रिश्ते में आना, आपके लिए हानिकारक साबित होगा। इसलिए अभी किसी भी नए रिश्ते में आने से बचें।

इस समय किसी भी कार्य को पूरा करने में आपको सामान्य से अधिक समय लगेगा। कारण ये है कि वक्री बुध के इस गोचर के दौरान, अपने विचारों और सुझावों को लेकर आप में से कुछ में आत्मविश्वास की कमी देखी जाएगी। जिससे आप थोड़ा असहज भी महसूस कर सकते हैं।

उपाय: सोने की मुद्रिका में, अपने दाहिने हाथ की छोटी उँगली में पन्ना पहनें। लेकिन इसे धारण करने से पहले किसी जानकार से सलाह अवश्य लें।

4. कर्क राशि
बुध आपकी कुंडली के बारहवें तथा तीसरे भाव का स्वामी है। अपने इस गोचर के दौरान, वे आपके चतुर्थ भाव में संचरण करेगा। कुंडली के चौथे भाव को सुख व माता का भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है।

इस दौरान कार्यक्षेत्र पर आपको किसी भी कार्य को, पूरा करने में कुछ परेशानी उठानी पड़ सकती है। कुंडली के चतुर्थ भाव से, माता का ज्ञात होता है, इसलिए आपकी मां को कोई पुराना रोग गोचर के दौरान पुनः परेशान कर सकता है। इसलिए समय-समय पर उनसे संवाद करें और उनकी मदद करते रहें। इससे आप दोनों के रिश्ते में नयापन और मजबूती आएगी।

वहीं इस दौरान, आपके सहकर्मी और आप के अधीन काम करने वाले कर्मी, आपके सबसे बड़े मददगार साबित होंगे, और वो हर कदम पर आपका सहयोग करते दिखाई देंगे। जिससे आप अपना कार्य करने में सफल होंगे। यात्रा पर जाने के अवसर भी मिलेंगे, और खासतौर से आपको विदेशी यात्रा से लाभ होने की अधिक संभावना रहेगी।

सेहत के मामले में इस दौरान आपको श्वास या त्वचा संबंधित समस्या हो सकती है। इसलिए शुरुआत से ही सावधान रहें और अपने खान-पान पर, पूरा ध्यान दें। इससे आपको जल्द ही ठीक होने में भी मदद मिलेगी।

उपाय: चांदी के गिलास से ही पानी पियें।


5. सिंह राशि
आपकी राशि के दूसरे व ग्यारहवें भाव का स्वामी बुध ग्रह अपने वक्री गोचर के दौरान आपके तृतीय भाव में प्रवेश करेगा। कुंडली में तीसरे घर को पराक्रम व छोटे भाई बहनों का भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है।

बुध की यह स्थिति, कार्यक्षेत्र पर आपको अधिक मेहनत कराने का कार्य करेगी। तभी जाकर आपको अपनी इच्छा अनुसार बेहतर फलों की प्राप्ति होगी। इसलिए किसी भी सहकर्मी से संवाद या मेल पर संपर्क करते समय, अपने शब्दों को सही से जांच लें, अन्यथा परेशानी हो सकती है। वहीं वक्री बुध का ये गोचर, आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आने वाला है। आप इस दौरान, अपने भाई-बहनों के साथ समय बिताते। जिससे आपके और उनके रिश्तों में आ रही दूरियां खत्म होगी।
साथ ही कार्यस्थल पर, हर किसी के सुझावों और विचारों का सम्मान करते हुए, उनको भी प्राथमिकता देना आपके लिए आवश्यक होगा, अन्यथा दूसरों के बीच आपकी छवि खराब हो सकती है।

उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा घास चढ़ाएं।

6. कन्या राशि
बुध ग्रह आपकी ही राशि का स्वामी है और साथ ही साथ आपके दशम भाव पर भी आधिपत्य रखता है। और अपने इस गोचर के दौरान वह आपके द्वितीय भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा और धन आदि का विचार किया जाता है। वक्री बुध के इस गोचर के दौरान आपको मिश्रित फलों की प्राप्ति होगी।

इस दौरान पारिवारिक जीवन में, कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती है। जिसके चलते आपको घर के खराब वातावरण से थोड़ी मानसिक परेशानी से भी जूझना पड़ सकता है। लेकिन, आप आर्थिक रूप से अपने धन को संचय करने में सफल होंगे। जिससे अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें अपने धन को सही रणनीति के अनुसार ही ख़र्च करने की जरूरत होगी। व्यापारी जातक, यदि आप कोई नया निवेश करना या नया व्यापार खोलना चाह रहे हैं तो, उसके लिए समय बेहद अच्छा है। आप इससे धन लाभ करने में सफल होंगे।

सेहत के लिहाज से समय थोड़ा परेशानी देगा। आपको अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होगी।

उपाय: नियमित रूप से गौ माता को हरा चारा खिलाएं।


7. तुला राशि
तुला राशि के लोगों के लिए बारहवें तथा नवें भाव का स्वामी बुध का इस दौरान गोचर, आपके प्रथम भाव में होगा। इसे लग्न भाव भी कहते हैं। प्रथम भाव को हमारे व्यक्तित्व का आईना बताया गया है। इसी के द्वारा हमारा शरीर, समाज में हमारी पहचान तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में भी, जाना जा सकता है। आपके लग्न में वक्री बुध का गोचर, आपके लिए बेहद शुभ साबित होगा।

प्रथम भाव से, आपके व्यक्तित्व का भी पता चलता है, इसलिए बुध के प्रभाव से आप इस समय अपने व्यक्तित्व को लेकर थोड़ा अधिक सतर्क दिखाई देंगे। इस समय आपको भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने कार्य की हर बारीकी को समझते हुए ही, उस कार्य को करेंगे। इससे आपको कार्यस्थल पर भरपूर सफलता भी मिलेगी।

हालांकि बुध की स्थिति, आपको अति-पूर्णतावादी बनाएगी, जिससे आप हर एक काम को बार-बार जांच करने में, अपना ज्यादातर समय बर्बाद कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आप कार्य को समय पर पूरा करने में असफल होंगे। जिससे आपको असहजता और मानसिक तनाव मिलेगा। यात्राओं पर जाने का अवसर मिलेगा, और विदेशी यात्रा से आप लाभ अर्जित करने में सफल होंगे।

उपाय: छोटी कन्याओं को मिठाई बाटें, और उनका आशीर्वाद लें।

8. वृश्चिक राशि
आपके लिए अष्टम तथा एकादश भाव का स्वामी बुध ग्रह का गोचर इस समय आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा। ज्योतिष में द्वादश भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष आदि को देखा जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान वक्री बुध आपको प्रतिकूल फल देगा।

इस दौरान आपको कई यात्राएं करने का मौका भी मिलेगा। हालांकि अभी इन यात्राओं से बचना ही आपके लिए बेहतर रहेगा, अन्यथा आपको हानि होने के योग बन रहे हैं, जिससे आपके मानसिक तनाव में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा आपको, कुछ सेहत संबंधित समस्याएं या विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़ सकता है। जिसके चलते आपको, अपना अच्छा खासा धन भी खर्च करना होगा।

कार्यक्षेत्र के लिहाज से भी, आपके लिए ये समय अच्छा नहीं दिखाई दे रहा, क्योंकि इस दौरान आपके शत्रुओं की संख्या में इज़ाफा होगा, और कार्यस्थल पर विरोधी आपके काम में बाधा उत्पन्न करते दिखाई देंगे। इसलिए आपको इस समय, उनसे विशेष सावधान रहने की जरूरत होगी।

आपका रुझान, धार्मिक व आध्यात्मिकता की ओर भी अधिक लगेगा। ऐसे में आपको खुद को तनाव मुक्त रखना होगा।

उपाय: भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा की, एक साथ उपासना करें।


9. धनु राशि
आपकी राशि से सप्तम और दशम भाव का स्वामी ग्रह बुध इस समय एकादश भाव में वक्री गति से गोचर करेगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियां, मित्र, बड़े भाई-बहनों आदि को देखा जाता है। ऐसे में बुध का ये वक्री गोचर, आपके लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होने वाला है।

इस दौरान आपको धन लाभ होने के साथ-साथ, सामाजिक सम्मान भी मिल सकेगा। कार्यक्षेत्र पर, आपकी मेहनत के चलते आपको, अपने वरिष्ठ अधिकारियों से पदोन्नति मिल सकती है। यदि आप नौकरी बदलने का सोच रहे थे तो, आपको इस दौरान स्थानांतरण करने के भी, कई अच्छे मौके मिलेंगे। वहीं, व्यापारी जातकों को पार्टनरशिप में बिज़नेस करने से, इस गोचर के दौरान अच्छा खासा लाभ होने की संभावना बन रही है।

ये गोचर आपकी मुलाक़ात, आपके कुछ पुराने मित्रों व करीबियों से करा सकता है। उनसे मिलकर न केवल आपको खुशी और प्रसन्नता की अनुभूति होगी। इस समय वक्री बुध, तुला राशि में विराजमान होगा, और उसका शुभ प्रभाव आपको अपनी इच्छा अनुसार, शुभ फलों की प्राप्ति कराने में मदद करेगा।

उपाय: किन्नरों को भोजन कराने के साथ ही उन्हें दान-दक्षिणा दें।

10. मकर राशि
आपकी राशि से छठे तथा नवम भाव का स्वामी बुध ग्रह का गोचर इस समय आपकी राशि से दशम भाव में रहेगा। ज्योतिष में दशम भाव, कर्म,करियर व प्रोफेशनल, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति और जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। बुध का ये गोचर, मकर राशि के जातकों के लिए विशेष भाग्यशाली रहने वाला है।

इस समय आपको अपनी पूर्व की मेहनत अनुसार ही, फलों की प्राप्ति होगी और साथ ही आप पूर्व के अधूरे पड़े, अपने हर कार्य इस दौरान सफलता पूर्वक पूरे कर सकेंगे। बुध के इस वक्री गोचर के दौरान, आप नई-नई टेक्नोलॉजी, कार्यक्षेत्र पर सीखते और उसे अपने कार्यों में इस्तेमाल करते नजर आएंगे।

इसके अलावा आप में प्रतिस्पर्धा शक्ति की भी अचानक से वृद्धि होगी, जिससे आप अपनी राह में आने वाली हर बाधा से, पार पाते बेहद आसानी से निकल जाएंगे। कार्यक्षेत्र पर आपको, अपने सहकर्मियों का भरपूर साथ मिलेगा, जिससे कार्य करने की आपकी क्षमता में, वृद्धि दिखाई देगी। आपके और पिता के संबंधों में निखार आएगा, और आप उनकी सलाह लेते भी दिखाई देंगे।

वहीं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को, जीवन में ऊंचाइयां छूने का अवसर मिलेगा और वह कामयाबी के पायदान पर, चढ़ने में सफल होंगे।

उपाय: रोज़ाना घर में कपूर जलाएं।


11. कुंभ राशि
आपकी राशि के पांचवें तथा आठवें भाव का स्वामी बुध ग्रह का गोचर इस समय वक्री अवस्था में नवम भाव में रहेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। भाव वक्री बुध के तुला में गोचर के दौरान, आपको इस गोचर से बेहद शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

बुध का ये गोचर, आपको धार्मिक स्थलों और तीर्थस्थलों की यात्राएं करने का, अवसर भी प्रदान करेगा, जिससे आपको अंदरूनी शांति महसूस होगी। वहीं कार्यक्षेत्र पर, आपके विचारों और सुझावों की जमकर सराहना, आपके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जिससे आपको तरक्की व उन्नति करने के, कई सुन्दर अवसर भी प्रदान होंगे।

इस दौरान आप जीवन साथी के साथ, सुन्दर समय बिताते भी नजर आएंगे। इस दौरान संभावना है कि, आपको आर्थिक लाभ व कोई उपहार भी प्राप्त हो। आपका मन इस गोचर के समय, रहस्यमय विषयों जैसे: ज्योतिष विज्ञान, गुप्त विषयों, आदि की पढ़ाई में, अधिक लगेगा।

छात्रों की बात करें तो, उच्च शिक्षा की इच्छा रखने वाली छात्रों को, इस गोचर के दौरान शुभ फलों की प्राप्ति होगी, क्योंकि उनके लिए बुध का ये गोचर, बेहद उत्तम फल लेकर आ रहा है।

उपाय: ज़रूरतमंद छात्रों को शिक्षा की सामग्री भेंट करें।


12. मीन राशि
आपकी राशि के चतुर्थ तथा सप्तम भाव का स्वामी बुध ग्रह इस समय वक्री गोचर के दौरान आपके अष्टम भाव में प्रवेश रहेंगे। कुंडली के अष्टम भाव को आयु भाव कहा जाता है। इस भाव से, जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएं, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। ऐसे में मीन राशि के जातकों को, वक्री बुध के गोचर के दौरान सामान्य से कम अच्छे फलों की प्राप्ति होगी।

बुध इस समय, आपको अपनी किसी पैतृक संपत्ति से अच्छा खासा लाभ भी दे सकते हैं। लेकिन, इस समय वक्री बुध, आपके वैवाहिक जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव लेकर आ रहा है। हालांकि ये उतार-चढ़ाव, कुछ समय के लिए ही रहेंगे और उसके बाद स्थितियां, धीरे-धीरे सामान्य होती प्रतीत होंगी। वहीं यदि आप बिज़नेस पार्टनरशिप में करते हैं तो, आपके लिए ये समय अच्छा नहीं दिखाई दे रहा।

यदि आप किसी यात्रा पर जाने का प्लान कर रहे थे तो, अभी उसे टाल दें ,अन्यथा आपको स्वास्थ्य संबंधी हानि व आर्थिक हानि होने की आशंका बन रही है। किसी भी प्रकार के लेन-देन से भी, इस समय परहेज करना, आपके लिए बेहतर होगा।

आपका इस दौरान, अपने सहयोगी के साथ किसी बात को लेकर विवाद संभव है। इस समय आप अपने पार्टनर को बेहद गंभीरता से लेंगे, और व्यवसाय में कुछ भी गलत या हानि होने पर सारा दोष, उसके ऊपर मढ़ते नजर आएंगे। हालांकि सहयोगी के प्रति आपकी ये गंभीरता, आपको बहुत से नुकसान से बचाने का कार्य भी करेगी।

यदि आपने अभी तक, अपना टैक्स नहीं भरा है तो, उसे समय रहते भर दें, अन्यथा सरकारी पचड़े में फंस सकते हैं। आपके स्वास्थ्य जीवन को देखें तो, वाहन चलाने वाले जातकों को, वाहन चलाते समय, विशेष सावधानी बरतनी होगी। अन्यथा कोई दुर्घटना हो सकती है। साथ ही आपको इस समय, पेट संबंधित कोई विकार भी परेशान करेगा।

बुध का यह गोचर, आपको अपनी ग़लतियों से न केवल सिखाएगा, बल्कि आप इन ग़लतियों से सीख लेते हुए, आप भविष्य में वही गलती नहीं दोहराएँगे। इस दौरान, आपकी कोई छुपी रुचि या योग्यता भी निकलकर सामने आएगी, जिससे आपके अंदर खोया आत्मविश्वास भी, वापस लौट सकेगा।

उपाय: बुध की होरा पर, बुध देव के बीज मंत्र का जप करें।

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned