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ब्रह्मा, विष्णुजी से नाराज शिव ने ठोकी थी जंघा, आज भी जोगी सुनाते हैं गाथा

कहा जाता है कि जंगम जोगियों को स्वयं भगवान शिव ने जन्म दिया था तथा ये तभी से भगवान शिव की कहानी सुना रहे हैं

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Sunil Sharma

Apr 16, 2016

shiv parvati vivah

shiv parvati vivah

यूं तो पूरा हिंदुस्तान ही साधु-संतों की कर्मभूमि है और यहां पर अलग-अलग परंपराओं वाले साधु भी सहज ही मिल जाते हैं। जंगम साधु भी ऐसे ही साधु है। कहा जाता है कि इन्हें स्वयं भगवान शिव ने जन्म दिया था और ये तभी से भगवान शिव की कहानी सुना रहे हैं।

ये है पूरी कहानी
शिवपुराण में वर्णन आता है कि भगवान शिव मां पार्वती से ब्याह करके बारातियों को शादी के नेक (उपहार) दे रहे थे। उन्होंने भगवान ब्रह्मा तथा विष्णुजी को भी नेक देना चाहा, परन्तु उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। इस पर भगवान भोलेनाथ ने क्रोधित होकर अपनी जांघ को ठोका जिससे जोगियों का एक दल उत्पन्न हुआ। इन्होंने शिव विवाह की स्तुति को आत्मसात कर लिया और आगे लोगों को शिव विवाह कथा सुनाने लगे।

उन्हीं जोगियों के वंशजों को जंगम जोगी कहा जाता है। ये आज भी कुंभ तथा सिंहस्थ जैसे धार्मिक मेला आयोजनों में लोगों को शिव विवाह की कथा सुरुचिपूर्ण ढंग से सुनाते हैं। इन लोगों को पूरा शिव पुराण कंठस्थ होता है जिसे ये संगीत के सुरों के साथ तालबद्ध कर सुनाते हैं।

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