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Shri Krishna Janmashtami: गोकुल में हुआ कान्हा का लालन-पालन

- वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान थे श्रीकृष्ण

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Deepesh Tiwari

Sep 07, 2023

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Happy Shri Krishna Janmashtami 2023: भगवान श्रीकृष्ण, विष्णु भगवान के आठवें अवतार माने गए हैं। वे कान्हा, कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, माधव, गोविंद, गोपाल, गिरिधर, द्वारकेश, द्वारकाधीश, वासुदेव सहित विभिन्न नामों से भी जाने जाते हैं।

कृष्ण, वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान थे। देवकी, कंस की बहन थी। कंस एक अत्याचारी राजा था। उसने आकाशवाणी सुनी थी कि देवकी के आठवें पुत्र द्वारा वह मारा जाएगा। इससे बचने के लिए कंस ने देवकी और वसुदेव को मथुरा के कारागार में डाल दिया। मथुरा के कारागार में ही भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को उनका जन्म हुआ।

कंस के डर से वसुदेव ने नवजात बालक को रात में ही यमुना पार गोकुल में यशोदा के यहां पहुंचा दिया। गोकुल में उनका लालन-पालन हुआ था। यशोदा और नंद उनके पालक माता-पिता थे। बाल्यावस्था में ही उन्होंने बड़े-बड़े कार्य किए, जो किसी सामान्य मनुष्य के लिए सम्भव नहीं थे।

अपने जन्म के कुछ समय बाद ही कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना का वध किया। इसके बाद शकटासुर, तृणावर्त सहित कई राक्षसों का वध किया।

बाद में गोकुल वे छोड़कर नंदगांव आ गए। वहां पर भी उन्होंने कई लीलाएं की जिनमें गोचारण लीला, गोवर्धन लीला, रासलीला आदि मुख्य हैं। इसके बाद मथुरा में मामा कंस का वध किया। सौराष्ट्र में द्वारिका नगरी की स्थापना की और वहां अपना राज्य बसाया। पांडवों की मदद की और विभिन्न संकटों से उनकी रक्षा की। महाभारत के युद्ध में उन्होंने अर्जुन के सारथी की भूमिका निभाई और रणक्षेत्र में ही उन्हें उपदेश दिया। लगभग 125 वर्षों के जीवनकाल के बाद उन्होंने अपनी लीला समाप्त की।