13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Vrat Special- व्रत जो कुंवारी लड़कियां भी कर सकती हैं

- व्रत भगवान के प्रति अपना प्रेम व समर्पण प्रकट करने और श्रद्धा व निष्ठा के साथ ही शुद्धता के लिए किया जाता है - कुंवारी लड़कियों को कौन कौन से व्रत करने चाहिए?

3 min read
Google source verification

image

Deepesh Tiwari

Oct 14, 2022

vrat_for_virgin_girls.png

vrat for unmarried girls

हिन्दू धर्म में उपवास रखने को काफी मान्यता है, माना जाता है कि ऐसा कर भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है, ऐसे में जो कोई भी व्रत रखता है वो पूरी श्रद्धा व निष्ठा के साथ उस व्रत को सम्पूर्ण करने की कोशिश भी करता है। कई लोग तो उपवास को भी त्यौहार की तरह ही मनाते हैं जैसे की नवरात्रि के नौ दिन ऐसा महसूस होता है कि जैसे यह व्रत नहीं बल्कि त्यौहार हो। इनमें भी सबसे ज्यादा व्रत महिलाएं ही रखती है।

वहीं कुछ लड़कियां तो शादी के पहले से ही व्रत रखना शुरू कर देती है। यह व्रत वो अपने मन की इच्छा को पूरी करने के लिए रख सकती है और इसमें किसी तरह की कोई बुराई भी नहीं है। ऐसे में आज हम आपको ऐसे व्रतों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें कुंवारी लडकियां भी रख सकती हैं।

इस संबंध में ज्योतिष के जानकार व पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि दरअसल हिंदु धर्म में अधिकांश व्रत भगवान के प्रति अपना प्रेम व समर्पण प्रकट करने और श्रद्धा व निष्ठा के साथ ही शुद्धता से किया जाता है, इसके अलावा हिंदु धर्म में इतनी अधिक सरलता है कि यदि किसी ने भगवान के प्रति प्रेम के चलते व्रत रखा है परंतु व रोगी है तो इस स्थिति में वह व्रत के दौरान भी औषधि का उपयोग कर सकता है इससे उसके व्रत का खंडित होना नहीं माना जाता। तो चलिए जानते हैं वे कौन से व्रत हैं जिन्हें एक कुंवारी लड़की भी रख सकती है।

1. नवरात्रि के व्रत
साल में वैसे तो चार बार नवरात्रि आती है एक चैत्र नवरात्रि, एक शारदीय नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि। इनमें अधिकतर लोग चैत्र और शारदीय नवरात्रि ही रखते हैं। और जहां तक कुंवारी लड़कियों की बात है वो पूरे नौ के नौ दिन इन व्रत को रख सकती है। कुंवारी लड़कियों के लिए नवरात्रि के दौरान वही सब नियम होते हैं, जो की एक आम व्यक्ति के लिए होते हैं।

2. सोमवार का व्रत
सोमवार का व्रत बहुत कम कुंवारी लडकियां ही होती है जो नहीं रखती है। सोमवार का व्रत भोलेबाबा और मां पार्वती के आशीर्वाद प्राप्ति के लिए रखा जाता है। इस व्रत को कुंवारी लडकियां अपने मनपसंद वर को पाने की इच्छा रखती है। और इसके लिए वो सोलह सोमवार सहित सावन के सोमवार आदि करके इस व्रत को रखती है।

3. गुरुवार या वीरवार का व्रत
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के लिए गुरुवार या वीरवार का व्रत रखा जाता है। माना जाता है कि शादी में जिन लड़कियों के रुकावट आ रही हो वो यदि इस व्रत को रखती है तो इससे उनकी सभी मनोकामनाओं को पूरा होने में मदद मिलती है साथ ही शादी में आ रही रुकावट भी दूर होती है। इसके अलावा अन्य कुंवारी लडकियां भी अपनी कोई इच्छा लेकर इस व्रत को कर सकती है।

4. शुक्रवार का व्रत
शुक्रवार का व्रत वैभव लक्ष्मी के लिए भी रखा जाता है यह व्रत भी कुंवारी लड़कियों के लिए अति उत्तम माना जाता है। इसीलिए यदि कोई कुंवारी लड़की शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी व्रत रखना चाहती है, तो वह जितने व्रत का संकल्प लेना चाहे उतने व्रत का संकल्प लेकर वो व्रत रख सकती है।

5. करवाचौथ का व्रत
केवल यही व्रत नहीं कुंवारी लड़कियां करवाचौथ का व्रत भी रख सकतीं हैं। हैरान मत होइए क्योंकि यह कतई जरुरी नहीं है की करवाचौथ का व्रत केवल शादीशुदा महिलाएं ही रख सकती है। बल्कि कुंवारी लडकियां भी इस व्रत को रख सकती है। और करवाचौथ के दिन जिस तरह शादीशुदा महिलाएं चांद को देखकर व्रत खोलती हैं, उसके स्थान पर कुंवारी लड़कियों को बस तारा देखते ही व्रत को खोल लेना चाहिए। करवाचौथ का व्रत कुंवारी लडकियां अपने मनपसंद जीवनसाथी को पाने की इच्छा को लेकर रखती है।

5. हरतालिका तीज का व्रत
पति की लम्बी उम्र के लिए ही सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत भी करती है, लेकिन यदि कोई कुंवारी लड़की इस व्रत को रखना चाहती है, तो वो भी रख सकती है। इसका कारण यह है कि कुंवारी लडकियां अपने मनपसंद जीवनसाथी की इच्छा को पूरा करने के लिए इस व्रत को रख सकती है।

6. शिवरात्रि व्रत
यदि कोई कुंवारी लड़की शिवरात्रि का व्रत रखना चाहती है तो वो यह व्रत भी कर सकती है क्योंकि यह व्रत तो हर कोई कर सकता है। ऐसा माना जाता है की इस दिन भोलेबाबा यानि भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करने से, कुंवारी लड़कियों को अपना मनपसंद जीवनसाथी को पाने की इच्छा को पूरा करने में मदद मिलती है। साथ ही यदि यह व्रत आप किसी और कामना को लेकर भी करते हैं, तो भी आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

7. जन्माष्टमी का व्रत
जन्माष्टमी का दिन कान्हा के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, इस दिन भी उपवास रखने की प्रथा है और जो कोई भी इस व्रत को रखना चाहता है वह इसे रख सकता है। ऐसे में यदि कोई कुंवारी लड़की कान्हा के जन्मदिन के दिन व्रत रखना चाहती है, तो वो भी इस व्रत को रख सकती है।