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Darsha Amavasya 2026 Date : दर्श अमावस्या पर करें ये खास उपाय, मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

Darsha Amavasya 2026 Date : 18 मार्च 2026 की दर्श अमावस्या पर जानें पितरों को प्रसन्न करने के उपाय, तर्पण और दान का महत्व। पाएं मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और पितृ दोष से मुक्ति के सरल तरीके।

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भारत

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Manoj Vashisth

Mar 17, 2026

Darsha Amavasya 2026 Date

Darsha Amavasya 2026 Date : दर्श अमावस्या का महत्व: पितृ दोष से मुक्ति और सुख-शांति पाने के उपाय (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Darsha Amavasya 2026 Date : हिंदू धर्म में अमावस्या का अपना एक अलग ही महत्व है, लेकिन जब बात दर्श अमावस्या की हो, तो इसकी आध्यात्मिक शक्ति और भी बढ़ जाती है। साल 2026 में 18 मार्च को पड़ने वाली यह अमावस्या सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि अपने पितरों को प्रसन्न करने और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने का एक सुनहरा अवसर है।

लोग कहते हैं कि दर्श अमावस्या पर पुरखों को तर्पण या श्राद्ध करने से शांति और खुशी मिलती है, साथ ही उनका आशीर्वाद भी मिलता है। इस दिन जप, दान और तपस्या जैसी आध्यात्मिक क्रियाएं और बढ़ जाती हैं।

आपको क्या करना चाहिए? | Darsha Amavasya 2026

बहुत से लोग व्रत रखते हैं, चंद्र देव की पूजा करते हैं, और सफेद फूल, चावल, चीनी या पानी चढ़ाते हैं। चांद के मंत्रों का जाप मन को शांत करने के लिए किया जाता है। श्राद्ध और तर्पण करना बहुत ज़रूरी है, और जरूरतमंदों को खाना, कपड़े, अनाज या तिल देना खास तौर पर शुभ माना जाता है। यह कालसर्प दोष, पितृ दोष और त्रिपिंडी श्राद्ध जैसे रीति-रिवाजों के लिए भी एक अच्छा दिन है।

सुबह का रूटीन आसान है

जल्दी उठें, नहाएं और साफ कपड़े पहनें। व्रत रखने का वादा करें, फिर भगवान शिव या विष्णु की पूजा करें, उसके बाद चंद्र देव की। चांद को चावल, दूध या फूल चढ़ाएं। हो सके तो अमावस्या की कथा सुनें और व्रत में फलाहार ही करें।

जब दान की बात हो तो कपड़े और तिल दान करना न भूलें। गरीबों को खाना खिलाना या गायों की सेवा करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। दीया जलाना एक और अच्छा काम है जिसकी लोग कसम खाते हैं, कहते हैं कि इससे इस शक्तिशाली दिन पर और भी ज़्यादा आशीर्वाद मिलता है।

क्या आपके पूर्वज अब भी इंतजार कर रहे हैं?

अगर वो पछतावा, दर्द या कोई अनकही सच्चाई लेकर इस दुनिया से गए, तो उनकी ऊर्जा आज भी आपके आसपास रह सकती है। आप शायद अनजाने में ये बोझ ढोते हैं रिश्तों में अटकते हैं, पैसों या सेहत के मामलों में फंसे रहते हैं। ये कोई सजा नहीं है, बस उनकी गूंज है, जो आपको सुनने और बदलने का मौका देती है।

दर्श अमावस्या पर ये चक्र तोड़ सकते हैं। आपको कुछ बड़े पंडाल या भारी रिवाजों की जरूरत नहीं है। दिल से, सच्चे इरादे के साथ अगर एक छोटी सी प्रार्थना भी की, तो माना जाता है कि आपकी भावनाएं शरीर के पार तक पहुंचती हैं। कभी-कभी बस चुपचाप बैठकर, कृतज्ञता के साथ एक दीया जलाना काफी है जो पुराने बंधनों को खोल सकता है।

अपने आप से पूछिए

क्या कोई पारिवारिक कहानी बार-बार दोहराई जाती है? क्या आपके परिवार में कोई ऐसा दर्द है, जिसके बारे में कभी खुलकर बात नहीं हुई? कहीं आप बिना किसी वजह के रुके हुए तो महसूस नहीं करते?

इस अमावस्या, दिल से सुनिए। हो सकता है जवाब आपके अपने खानदान में छुपे हुए हों, बस आपके ध्यान का इंतजार कर रहे हों।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।