
subh muhurt
Shubh muhurt : आज के गृह ग्रोचर और राशि अनुसार क्या कहते हैं आपके सितारे, आज जन्मे बच्चे का नामकरण कुंडली क्या है, और नक्षत्र अनुसार कैसे करे शुभ कार्य।
तिथि : तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि 12.49 तक, तदन्तर चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। तृतीया तिथि में अन्नप्राशन, सीमन्त कर्म, गानविद्या, चित्रकारी और द्वितीया तिथि में कथित समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं। नक्षत्र: रोहिणी 'ध्रुव व ऊध्र्वमुख' संज्ञक नक्षत्र रात्रि 7.56 तक, तदुपरान्त मृगशिरा 'मृदु व तिङ्र्यंमुख' संज्ञक नक्षत्र रहेगा। रोहिणी व मृगशिरा नक्षत्रों में विवाह, यज्ञोपवीत, यात्रा, देव प्रतिष्ठा, वास्तु, पौष्टिक और देवकृत्य कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। योग: परिघ नामक अशुभ योग रात्रि 7.32 तक, इसके बाद शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग है। परिघ योग की पूर्वाद्र्ध घटियां शुभ कार्यों में वर्जित हैं, जो निकल गई हैं। विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग सूर्योदय से सम्पूर्ण दिवारात्रि तथा अमृतसिद्धि नामक शुभ योग रात्रि ७.५६ से अगले दिन सूर्योदय तक है। करण: वणिज नामकरण दोपहर बाद 2.39 तक, तदन्तर रात्रि 12.49 तक भद्रा है। स्वर्गलोक की भद्रा शुभ मानी गई है।
शुभ मुहूर्त: आज रोहिणी नक्षत्र में भद्रापूर्व वधू-प्रवेश, प्रसूति स्नान, नामकरण, अन्नप्राशन, कूपारम्भ, हलप्रवहण-बीजोप्ति व विपणि-व्यापारारम्भ के यथा आवश्यक शुभ मुहूर्त है।
श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: 8.05 तक अमृत, प्रात: 9.27 से पूर्वाह्न 10.49 तक शुभ तथा दोपहर बाद 1.32 से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11.48 से दोपहर 12.32 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।
आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (वा,वि,वु,वे,वो) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि वृष है। जन्म का पाया स्वर्ण है। सामान्यत: ये जातक कुछ आलसी व असंतोषी प्रकृति के होते हैं। पर सुंदर, आकर्षक, सत्यप्रिय, जनप्रिय, कार्यपटु और शोख तबीयत वाले होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३० वर्ष की आयु तक होता है। वृष राशि वाले जातकों को आज निवेश के लिए अच्छा दिन है। भूमि-भवन-जायदाद, सोना-चांदी आदि में निवेश लाभदायक सिद्ध होगा।
Published on:
06 Nov 2017 09:31 am
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