
योग: अतिगंड नामक नैसर्गिक अशुभ योग रात्रि १.०४ तक, तदन्तर सुकर्मा नामक नैसर्गिक शुभ योग है। करण: कौलव नामकरण सायं ४.१७ तक, इसके बाद तैतिलादि करण हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ८.२९ तक शुभ, पूर्वाह्न ११.०४ से अपराह्न २.५६ तक क्रमश: चर लाभ व अमृत तथा सायं ४.१४ से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०० से १२.४२ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज स्वाति नक्षत्र में विवाह का अशुद्ध मुहूर्त (भौमयुति दोष), गृहारम्भ (भौमयुति दोष) और नामकरण व हलप्रवहणादि के स्वाति नक्षत्र में शुभ मुहूर्त है।

राहुकाल: दोपहर बाद १.३० से दोपहर बाद ३.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चेः आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (रे, रो, ता, ति, तू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि तुला है और इनका जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धनवान, विद्यावान, चंचल, विदेश यात्रा की इच्छा वाले, व्यापार आदि में निपुण, समझदार, शीतल स्वभाव, सबके प्रिय और व्यवहारकुशल होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३० से ३६ वर्ष की आयु के मध्य होता है। तुला राशि वाले जातकों को आज शुभ संदेश मिलेंगे। प्रियजनों से मिलन होगा। मनचाहा लाभ प्राप्त होगा।