21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भगवानों के इंजीनियर माने जाते है ये देव, सिर्फ सृष्टि ही नहीं बल्कि किया है इन चीजों का भी निर्माण…

अधिकतर काम वाले स्थानों यानि की दफ्तर वगैरह में भगवान विश्वकर्मा का पूजा किया जाता है।

3 min read
Google source verification

image

Ravi Gupta

Dec 24, 2017

Creation

नई दिल्ली। हमारे हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं को पूजने की मान्यता है। हर एक चीज के लिए अलग-अलग देवी देवता है। जैसे धन की देवी लक्ष्मी, विद्या की देवी सरस्वती इत्यादि। वैसे ही ब्रह्मा जी को कहा जाता है इस ब्रह्मांड के निर्माता तो वहीं ब्रह्मा जी के ही पुत्र भगवान विश्वकर्मा को रचना क ा देवता माना जाता है। आजकल की भाषा या अंग्रेजी में कहा जाएं तो इन्हें भगवानों का इंजीनियर कहा जाता है। इसीलिए अधिकतर काम वाले स्थानों यानि की दफ्तर वगैरह में भगवान विश्वकर्मा का पूजा किया जाता है। वैसे तो इंजीनियर देश और विदेश में कई चीजों को बनाते है जो कि काबिले तारीफ है लेकिन क्या आपको पता है भगवानों के इंजीनियर ने हमारी इस दुनिया में किन-किन चीजों का निर्माण किया है। तो आइए देखते है...  

Creation

सोने की लंका का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। मान्यता है कि पार्वती से विवाह के बाद शिव जी ने विश्वकर्मा से सोने की लंका का निर्माण करवाया था। इसके बनने के बाद उन्होंने रावण को सोने की लंका के गृह पूजन के लिए बुलाया था लेकिन बाद में रावण ने दक्षिणा स्वरूप सोने की लंका की मांग कर डाली। उसके बाद से इसे रावण की साने की लंका के नाम से जाना जाता है।  

Creation

कहा जाता है कि शिव जी जिस रथ में सवार होते है उसका भी निर्माण विश्वकर्मा जी के द्वारा ही किया गया है। सोने की बनी इस रथ के बाई ओर चंद्रमा तो दाई ओर सूरज विराजित है।  

Creation

भगवत गीता में ये कहा गया है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारिका नगरी का निर्माण विश्वकर्मा जी से ही करवाया था। इस नगरी की लंबाई और चौड़ाई 48 कोस थी।  

Creation

कहा जाता है कि हस्तिनापूर का निर्माण भी भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था।  

Creation

बिहार के ओरंगाबाद में स्थित पश्चिमाभिमुख सूर्य मंदिर का भी निर्माण विश्वकर्मा ने ही करवाया था। यह मंदिर आज भी अपनी कलात्मकता के लिए प्रसिद्ध है। ये मंदिर करीब एक लाख पचास हजार सत्रह साल पुराना है। इसके शिलालेख में ब्राह्मी लिपि में कई श्लोक लिखा गया है जिससे इस मंदिर के उम्र का पता चलता है।  

Creation

भगवान कृष्ण की गोपियां एक तालाब के किनारे उनका इंतजार किया करती थी। उन्हें ऐसा करते देख कृष्णजी काफी खुश हुए और तभी गोपियां उनसे एक नये तालाब को बनवाने की मांग कर डाली। कृष्ण जी उनकी बात को नहीं टाल पाएं और उन्होंने विश्वकर्मा को कहा कि इस तालाब का निर्माण फिर से किया जाएं। तब से आज तक इस तालाब को गोपी तालाब के नाम से ही जाना जाता है।  

Creation

छत्तीसगढ़ के राजिम में बना भगवान विष्णु का राजीव लोचन मंदिर का निर्माण भी विश्वकर्मा जी ने ही किया था। यह मंदिर कमल के पराग पर बना हुआ है। दरअसल कहा जाता है कि एकबार भगवान विष्णु ने विश्वकर्मा जी से कहा कि वो उनके मंदिर का निर्माण धरती पर उस जगह पर करें जहां से पांच कोसों की दूरी तक शव को जलाया न जाएं लेकिन विश्वकर्मा जी को धरती पर ऐसा कोई भी जगह नहीं मिला। उन्होंने भगवान विष्णु के समक्ष अपनी ये बात रखी तब विष्णु ने अपना कमल धरती पर गिराया और विश्वकर्मा जी से ये कहा कि जिस स्थान पर ये कमल गिरे मंदिर का निर्माण वहीं किया जाएं।