
इस नक्षत्र में की गई खरीदारी से लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं
2023 के अंतिम माह का पहला और दूसरा दिन बहुत शुभ साबित हो सकता है। इन दोनों दिन में पुष्य नक्षत्र होगा जोकि खरीदारी और मांगलिक कार्यों के लिए सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में की गई खरीदारी से लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं और उनके आशीर्वाद से सुख समृद्धि की वृद्धि होती है।
27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा कहा गया है। गुरुवार के दिन आनेवाले पुष्य नक्षत्र को गुरु पुष्य योग कहते हैं जबकि रविवार के दिन के पुष्य नक्षत्र को रवि पुष्य योग कहा जाता है।
2023 का आखिरी गुरु पुष्य योग 29 दिसंबर 2023 को है। इससे पहले दिसंबर में ही शुक्र पुष्य योग और शनि पुष्य योग भी है। दिसंबर के पहले दिन यानि 1 दिसंबर को शाम से पुष्य नक्षत्र की शुरुआत होगी जोकि अगले दिन यानि 2 दिसंबर की शाम तक रहेगा।
ज्योतिषियों और पंचांगकर्ताओं के अनुसार 1 दिसंबर को पुष्य नक्षत्र शाम 4.40 बजे से शुुरु होगा। शुक्रवार के दिन का होने से ये शुक्र पुष्य योग कहलाएगा। पुष्य नक्षत्र दूसरे दिन 2 दिसंबर को शाम 6.54 बजे तक रहेगा
जोकि शनि पुष्य योग कहलाएगा।
पुष्य नक्षत्र में लक्ष्मीपूजन का भी विधान है। इस अवधि में श्रीसूक्त का पाठ करने से लक्ष्मीजी की प्रसन्नता से जीवन में कभी धन की कमी नहीं आती।
ज्योतिषियों के अनुसार शुक्र और शनि पुष्य योग में 5 राशियों को लाभ होगा। कन्या, मकर, कुंभ, तुला और मिथुन राशिवालों को धनलाभ के योग हैं।
पुष्य नक्षत्र में खरीदारी का विशेष महत्व है। जमीन, मकान, वाहन, आभूषण तथा इलेक्ट्रानिक्स सामान आदि की खरीदी के लिए यह अच्छा मुहूर्त माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदने का सबसे ज्यादा महत्व है।
Updated on:
30 Nov 2023 05:36 pm
Published on:
30 Nov 2023 05:35 pm
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