
महिलाओं का बालों को खुला रखना क्यों नहीं माना जाता शुभ? माता सीता को उनकी मां ने बताई थी वजह
बाल महिलाओं की खूबसूरती निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए महिलाएं हर मौके पर अपने बालों के स्टाइल पर विशेष ध्यान दिया करती हैं। कोई महिला अपने बालों में जूड़ा बनाना ज्यादा पसंद करती है तो कोई चोटी। इसी तरह से कोई महिला अपने बालों को खुला भी छोड़ देती हैं। धर्म शास्त्रों की मानें तो महिलाओं द्वारा बालों को खुला छोड़ना अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ जाती हैं। माता कैकेई से लेकर द्रोपदी तक के बाल खुले रखने के भयंकर परिणाम देखे जा चुके हैं। माता सीता को उनकी मां ने भी बाल खुले न रखने के बारे में बताया था।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब माता सीता का भगवान श्रीराम से विवाह हुआ तो माता सीता की मां सुनयना ने अपनी बेटी सीता के बालों को बांधा था। बाल बांधते हुए उन्होंने अपनी बेटी से कहा था कि पुत्री इन बालों को कभी भी खुला मत रखना। क्योंकि ऐसा करने से रिश्ते बिखर जाते हैं और अगर वहीं बाल बंधें हों तो रिश्ते भी बंधकर रहते हैं।
पौराणिक कथा अनुसार जब माता कैकेई नाराज हो गई थीं तो उन्होंने भी अपने बाल खुले रखे थे और रुदन किया था। माता कैकई को इस स्थिति में देख राजा दशरथ भी घबरा गए थे और उनका पूरा परिवार बिखर गया था।
महाभारत काल में द्रोपदी का जब भरी सभा में अपमान किया गया था तब उन्होंने अपने केश खोल दिए थे। जिसके भयंकर परिणाम धृतराष्ट्र के सभी पुत्रों और अन्य रिश्तेदारों की तबाही के रूप में देखने को मिले थे।
मान्यताओं अनुसार अगर बालों को खुले रखा जाता है तो नकारात्मक शक्तियां जल्दी आकर्षिक हो जाती हैं। ऐसी भी मान्यता है कि अगर स्त्री खुले बाल करके बाहर जाती है तो वो बहुत आसानी से नकारात्मक शक्तियों की चपेट में आ सकती है।
ये भी माना जाता है खुले और उलझे हुए बाल अमंगलकारी होते हैं। खासकर रात के समय बाल खुले रखने से परिवार में दुख तकलीफें बढ़ने के आसार रहते हैं। कई महिलाओं की आदत होती है कि वो रात के समय अपने बालों को खोलकर सोती हैं जो कि बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है।
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(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)
Updated on:
06 Jul 2022 08:16 am
Published on:
06 Jul 2022 08:14 am
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