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एकादशी और दशमी आज हैं एक साथ, इस मुहूर्त में करें ये काम तो बन जाएगी हर बिगड़ी बात

धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि १.४० तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा। धनिष्ठा में शतभिषा दोनों ही ‘चर व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है।

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Sunil Sharma

Apr 11, 2018

Astrology Tips In Hindi

Astrology Tips In Hindi

दशमी पूर्णा संज्ञक शुभ तिथि प्रात: मात्र ६.४१ तक, इसके बाद एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। दशमी व एकादशी दोनों ही तिथियों में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, विवाह, प्रतिष्ठा, जनेऊ, गृहारम्भ, प्रवेश, यात्रा, अलंकार व व्रतादि रखना शुभ होता है। आज दशमी तिथि की वृद्धि हुई है।

नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र रात्रि १.४० तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा। धनिष्ठा में शतभिषा दोनों ही ‘चर व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। जिनमें देवघर, ध्वजा, छत्र, पताका, घर, वन्दनवार, पद ग्रहण, बाग-बगीचा आदि उत्साह सम्बंधी कार्य शुभ होते हैं। योग: शुभ नामक योग अंतरात्रि ५.२३ तक, इसके बाद शुक्ल नामक योग प्रारम्भ हो जाएगा। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। करण: भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण प्रात: ६.४१ तक, इसके बाद बवादि करण रहेंगे।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज धनिष्ठा नक्षत्र में नामकरण व अन्नप्राशन आदि के यथा आवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ९.२० तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न १०.५४ से दोपहर १२.२८ तक शुभ तथा अपराह्न ३.३६ से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में त्याज्य माना गया है।

व्रतोत्सव: आज महा. ज्योतिबा फूले जयंती तथा पंचक प्रारम्भ दोपहर १२.३७ से। पंचक नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की यात्रा, खाट बुनना, छत डालना, खम्बा उठाना, शव का दाह, तृण-काठ आदि का संग्रह इन कार्यों का त्याग करना चाहिए। चन्द्रमा: चन्द्रमा दोपहर १२.३७ तक मकर राशि में, इसके बाद कुम्भ राशि में है।

दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दोपहर १२.३७ के बाद पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: दोपहर १२.०० से दोपहर बाद १.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ग, गु, गे, गो, सा) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। दोपहर १२.३७ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मकर व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि कुम्भ है। इनका जन्म ताम्रपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक धार्मिक प्रवृत्ति वाले, धनवान, गुरु , माता-पिता आदि की सेवा करने वाले, रागविद्या में रुचि रखने वाले, कीमती आभूषणादि पहनने के शौकीन और ऐश्वर्य सम्पन्न होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३०-३१ वर्ष की आयु तक होता है। मकर राशि वाले जातकों को आज सावधानीपूर्वक कार्य करने चाहिए। अनावश्यक विवादादि से बच कर चलें।

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