
देवगुरु बृहस्पति ने 5 नवंबर को धनु राशि में प्रवेश किया। धनु राशि में केतु पहले से ही विराजमान हैं। ज्योतिष के अनुसार गुरु के साथ जब भी केतु या राहु की युति शुभ नहीं मानी जाती। केतु या राहु के साथ गुरु की युति चांडाल योग बनाती है। जो कि अच्छा नहीं माना जाता है। चांडाल योग में शुभ कार्यों के फल में कमी आती है। राशियों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। लेकिन चांडाल योग में कुछ उपाय करके आप शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्या करें उपाय...
मेष राशि वाले गुरु-केतु के चांडाल योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिये करें ये उपाय
– इस मंत्र का जप करें- ‘ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’
वृषभ राशि के लिए यह समय सामान्य रहेगा। गुरु-केतु के चांडाल योग के अशुभ प्रभाव से बचने के लिये करें ये उपाय
– इस मंत्र का जप करें- महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करें।
मिथुन राशि के लिए शुभफलदायी रहेगा ये समय, चांडाल योग से बचने के लिये करें ये उपाय
– पुरुषसूक्त एवं श्रीसूक्त का पाठ करें।
कर्क राशि वालों के लिये ये समय सामान्य रहेगा। चांडाल योग से बचने के लिये करें ये उपाय
– गुरुवार के दिन रामायण व गीता का पाठ करें।
सिंह राशि वालों के लिये रहेगा शुभफलदायक रहेगा समय, गुरु-केतु के चांडाल योग से बचने के लिये करें ये उपाय
– इस मंत्र का जप करें- ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
कन्या राशि के लिए यह समय मिश्रित फलदायी रहेगा। शुभ फलों को पाने के लिये करें ये उपाय
– महामृत्युंजय मंत्र का जप शुभ फलदायी रहेगा।
तुला राशि वाले चांडाल योग से बचने के लिये करें ये उपाय-
– इस समयकाल में किसी को कष्ट ना पहुंचायें।
वृश्चिक राशि वाले जातक चांडाल के अशुभ फल व गोचर के शुभफलों में वृद्धि पाने के लिए करें ये उपाय
– इस मंत्र का 108 बार जप करें- ‘ओम बृं बृहस्पतये नम:’
धनु राशि के लिए बृहस्पति का यह गोचर शुभ फलदायी होगा। इसमें वृद्धि के लिए यह उपाय करें…
– बड़े बुजुर्गों व माता-पिता का आशीर्वाद लें।
मकर राशि के लिए यह गोचर अशुभ फल प्रदान कर रहा है। अशुभ को शुभ में बदलने और शांति के लिए ये उपाय करें…
– इस मंत्र का जाप करें- ‘ओम बृं बृहस्पतये नम:’
कुंभ राशि के लिए यह गोचर शुभ फल लेकर आया है। इस शुभ फल में वृद्धि के लिए इन उपायों को आजमाएं
– इस मंत्र का जप करें- ‘ओम नम: भगवते वासुदेवाय’
मीन राशि वालों के लिए यह समय शुभफलदायक रहेगा। चांडाल योग के अशुभ फलों को कम करने के लिये करें ये उपाय
– ‘ओम बृं बृहस्पतये नम:’ मंत्र का हर रोज 108 बार जप करें।
Updated on:
06 Nov 2019 11:42 am
Published on:
06 Nov 2019 11:33 am
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