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‘नेपाल में मधेशी समाज के साथ होता है भेदभाव’

नेपाल में वाममंथी पार्टी की सरकार है। वामपंथी सिद्धांत में तो समानता व शोषण के विरोध की बात करते हैं, लेकिन व्यावहारिकता में नेपाल में नागरिकों के साथ भेदभाव होता है।

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वामपंथी सरकार में भी भौगोलिक व जनसंख्या के मजबूत आधार रहते हुए भी मधेशी समाज जो नेपाल का मूल समाज है, के साथ असमानता व भेदभाव किया जा रहा है। यह बात नेपाल के पूर्व पर्यटन व नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री शत्रुघ्न प्रसाद सिंह कुशवाहा ने अमरपुरा में बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भारत से नेपाल में विवाह करने वाली महिला को 15 वर्ष तक प्रमुख पद नहीं मिलता है। मधेशी लोगों में शाक्य, यादव, कुशवाहा, कुर्मी वर्ग आते हैं, जो मूलत: नेपाल के ही है। उन्होंने अमरपुरा में माली (सैनी) समाज सहित अन्य वर्गों के लोगों के लिए संत लिखमीदास के स्मारक व देव मंदिर निर्माण पर खुशी जताई। भारतीय चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण बताते हुए इस क्षेत्र में विद्यार्थी को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर प्रसन्नता जताई। इससे पहले उन्होंने लिखमी प्रतिभा मंजूषा भेंट की। उधर, संत शिरोमणि लिखमीदास महाराज स्मारक विकास संस्थान अमरपुरा के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री राजेन्द्र गहलोत ने एक से पांच दिसम्बर तक हुए स्मारक लोकार्पण एवं मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। इस दौरान बालकिशन भाटी भी उपस्थित थे।

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