
Guruwar Puja Vidhi in hindi: सप्ताह के दिनों में देवगुरु बृहस्पति का दिन गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा (Thursday puja) के लिए अति विशेष माना गया है। ऐसे में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यह दिन उत्तम माना जाता है। इसका कारण यह है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ से भगवान शीघ्र प्रसन्न होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
वहीं जानकारों का मानना है कि गुरुवार के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा से माता लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) भी अत्यंत प्रसन्न होती हैं, ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पत्नी हैं और मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) को ही धन-वैभव की देवी माना जाता है। ऐसे में गुरुवार के दिन इनका पूजन करने से भक्त को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के साथ ही मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। तो चलिए जानते हैं कैसे करें गुरुवार के दिन पूजा?
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी पूजा विधि (Guruwar Lord Vishnu and Goddess Lakshmi Puja Vidhi)
देवगुरु बृहस्पति के दिन यानि गुरुवार को सुबह जल्दी उठकर स्नानादि के पश्चात साफ कपड़े जहां तक हो सके पीले रंग के कपड़े पहने क्योंकि ये विशेष शुभ माना जाता है, यदि पीले वस्त्र न भी हो तो सामान्य साफ सुथरे वस्त्र धारण करें। पीले रंग के वस्त्र का कारण यह है कि यह रंग भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को अत्यंत प्रिय है। इसके बाद मंदिर में दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर व्रत और पूजन का संकल्प लें। कुछ लोग प्रत्येक गुरुवार व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ लोग पूजा-पाठ करते हैं।
इस पूजा के लिए पहले एक चौकी तैयार करें, फिर इसपर मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करने के बाद गंगाजल से अभिषेक करें और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को पंचामृत से स्नान कराएं। इस दौरान ओम नम: भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए भगवान को रोली, अक्षत, चंदन, धूप, गंध, दीप, पीले फूल, पीले फल और मिठाई का भोग लगाएं।
ध्यान रखें गुरुवार के दिन भगवान को चने की दाल और गुड़ का भोग जरूर अर्पित करें, इसके साथ ही तुलसी दल भी चढ़ाएं। मान्यता के अनुसार तुलसी दल के बिना भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।
इसके पश्चात मां लक्ष्मी को सिंदूर और चंदन का तिलक लगाएं और लाल फूल, अक्षत, धूप, दीप, फल, सुपारी, भोग अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ गुरुवार के दिन करना अति उत्तम माना जाता है। वहीं यदि आप गुरुवार को व्रत कर रहे हैं तो गुरुवार की व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें। आखिर में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और मां लक्ष्मी जी (Goddess Lakshmi) की आरती जरूर करें।
भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) की गुरुवार के दिन पूजा के बाद केले के पौधे की भी पूजा अवश्य करनी चाहिए। इस दिन केले के पौधे में जल चढ़ाने के अलावा फूल-भोग भी अर्पित कर घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि इस विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) तो प्रसन्न होंगे ही साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
Published on:
07 Dec 2022 12:48 pm
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