
Jaya Ekadashi Puja Vidhi
Jaya Ekadashi Vrat: माघ शुक्ल पक्ष एकादशी को जया एकादशी व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। यह तिथि एक फरवरी को पड़ रही है। जया एकादशी व्रत से सुख समृद्धि प्राप्त होती है। माघ शुक्ल एकादशी तिथि की शुरुआत 31 जनवरी सुबह 11.56 बजे से हो रही है और यह तिथि 1 फरवरी को दोपहर 2.04 बजे तक रहेगी। इस व्रत के पारण का समय 2 फरवरी सुबह 7.09 बजे से 9.19 बजे तक रहेगा। जानकारों के अनुसार इस व्रत के पारण का समय सुबह है, किसी कारण वश सुबह पारण न कर सकें तो दोपहर बाद पारण करना चाहिए।
जया एकादशी पूजा विधि (Jaya Ekadashi Puja Vidhi)
1. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर व्रती साफ सफाई के बाद स्नान ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
2. पूजा स्थल को साफ करके उसे और पूरे घर को गंगाजल से शुद्ध करें।
3. भगवान विष्णु और कृष्ण की मूर्ति यथा स्थान स्थापित करें।
4. विधि विधान से पूजा अर्चना करें, श्रीकृष्ण का भजन गाएं, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
5. नारियल, फल, अगरबत्ती, तुलसी पत्ता अर्पित करें।
6. ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
7. द्वादशी के दिन पूजा के बाद व्रत का पारण करें।
जया एकादशी का महत्वः मान्यता है कि इस व्रत से भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है और ब्रह्म हत्या जैसे पाप भी धुल जाते हैं। यह व्रत करने से पिशाच योनि में जाने का भय नहीं रहता और व्रत करने वाले को मोक्ष प्राप्त होता है।
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जया एकादशी पर करें यह उपायः जानकारों के अनुसार जया एकादशी के दिन इन उपायों से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
1. तुलसी या गेंदे का पौधा लगाएं: जया एकादशी के दिन तुलसी का पौधा जरूर रोपना चाहिए। ऐसा करना बहुत फलदायी माना जाता है लेकिन पौधा रोपने से पहले इसकी दिशा जानना जरूरी है। तुलसी के पौधे को उत्तर, उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा में ही रोपना चाहिए। इस दिन गेंदे का पौधा भी लगाना शुभ फलदायी माना जाता है।
2. पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं: जया एकादशी के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। इस दिन एक तांबे के लोटे में जल और चीनी मिलाकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाना चाहिए।
Updated on:
31 Jan 2023 08:45 pm
Published on:
31 Jan 2023 08:40 pm
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