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10 जनवरी से शुरू होगा प्रयाग में माघ मेला, जानें धार्मिक महत्व

10 जनवरी से शुरू होगा प्रयाग में माघ मेला, जानें धार्मिक महत्व

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भोपाल

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Tanvi Sharma

Jan 09, 2020

10 जनवरी से शुरु होगा प्रयाग में माघ मेला, जानें धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मास का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। इस माह में स्नान, दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यह महीना बहुत पवित्र माना जाता है और इस दौरान प्रयागराज में मेला भी लगता है। जो कि इस साल 10 जनवरी से शुरु हो जायेगा। प्रयागराज में माघ मेला महाशिवरात्रि तक चलता है। इस बार 21 फरवी तक चलेगा क्योंकि महाशिवरात्रि 21 फरवरी को पड़ रही है।

पौष माह के पूर्णिमा से भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल जहां 3 नदियों का संगम है गंगा, यमुना और सरस्वती में माघ मेले की शुरुआत हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार इस माह में बहुत से तीर्थ-त्योहार पड़ते हैं। जो कि बहुत महत्व रखते हैं। माघ महीना इस बार 10 जनवरी से शुरु हो रहा है। यह महीना मघा नक्षत्र के कारण जाना जाता है और इस महीने का नाम भी इसी वजह से माघ पड़ा है। आइए जानते माघ नक्षत्र के धार्मिक महत्व के बारे में....

माघ माह का धार्मिक महत्व

हिन्दू धर्म के अनुसार सभी महीनों में माघ मास का विशेष महत्व होता है। इस महीने को दान-पुण्य, धर्म-कर्म और त्याग का महीना कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर मनुष्य को कम से कम एक बार किसी पवित्र नदी में जरुर स्नान करना चाहिये। इस माह में बहुत से पवित्र पर्व और त्योहार भी पड़ते हैं आइए जानते हैं कौन से हैं वो त्योहार....

षटतिला एकादशी

माघ महीने में षटतिला एकादशी पड़ती है। एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है और माघ मास में आने वाली एकादशी का बहुत ज्यादा महत्व बढ़ जाता है। माघ महीने में ही षटतिला एकादशी आती है और इस दिन जल में तिल डालकर स्नान भी करने की परंपरा है। माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश हो जाता है।

भीमाष्टमी

माघ माहीने में शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को भीमाष्टमी कहा जाता है। इस दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्यागे थे। इसलिये इस दिन स्नान-दान और पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

मौनी अमावस्या

माघ महीने में मौनी अमावस्या भी पड़ती है। मौनी अमावस्या कृष्ण पक्ष की अमावस्या होती है और पूरे दिन मौन धारण करने की परंपरा इस अमावस्या में नजर आती है। इसके अलावा माघ महीने में बसंत पंचमी भी पड़ती है। बसंत पंचमी के दिन बुद्धि, ज्ञान और वाणी की देवी सरस्वती मां की पूजा होती है। इस दिन का भी हिंदू धर्म में बहुत महत्व माना जाता है।