
मंगल का 7 मई 2019 को मिथुन राशि में गोचर होगा। इस राशि में राहु पहले से ही विराजमान है। मिथुन राशि में मंगल और राहू का एक होना अंगारक योग बनाएगा। जिन लोगों की जन्मकुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हैं, जिन्हें मंगल दोष है या जिन्हें अशुभ मंगल की महादशा चल रही है, वे जातक इस योग के कारण बहुत परेशान रहेंगे। मानसिक रूप से इनकी स्थिति गड़बड़ रहेगी। ये कोई भी फैसला नहीं कर पाएंगे। अंगारक योग का असर सभी राशियों पर उनके भाव के अनुसार पड़ेगा। कुंडली के 12 भावों में इस योग के प्रभाव भी अलग-अलग हो सकते हैं। बड़े पैमाने पर देखा जाए तो अनेक देशों में युद्ध जैसे हालात भी बन सकते हैं। यह योग 22 जून तक चलेगा।
मंगल और राहु की युति से होंगे नुकसान
मंगल और राहु की युति से नुकसान होने के साथ ही झगड़ा, दुर्घटना, तनाव और कई तरह की परेशानियां होती हैं। ज्योतिष में मंगल को क्रोध, वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़ा, हथियार, दुर्घटना, अग्नि, विद्युत आदि का तो राहु को आकस्मिक घटनाएं, शत्रु, षडयंत्र, नकारात्मक ऊर्जा, तामसी प्रवृत्ति, बुरे विचार, छल-कपट, और बुरी आदतों का कारक ग्रह माना गया है। यही कारण है कि ज्योतिष में मंगल और राहु के योग को अधिक नकारात्मक और दुष्परिणाम देने वाला योग माना गया है।
मंगल और राहु बनाते हैं अंगारक योग
कुंडली के जिस भाव में यह योग बन रहा है, उस भाव को ये पीड़ित कर देते हैं। इससे व्यक्ति के जीवन में लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनी रहती है। अंगारक योग के कारण व्यक्ति का स्वभाव आक्रामक, हिंसक तथा नकारात्मक हो जाता है। इस समय अपने रिश्तेदारों, मित्रों व अन्य भाइयों के साथ आपके संबंध खराब हो जाते हैं। धन संबंधित परेशानियां भी बनी रहती है।
Updated on:
06 May 2019 01:03 pm
Published on:
06 May 2019 12:49 pm
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