
Cold Hands in Women (photo- gemini ai)
Cold Hands in Women: क्या आपने कभी महसूस किया है कि कमरे का तापमान ठीक होने के बावजूद आपके हाथ बर्फ जैसे ठंडे हो जाते हैं? कई महिलाएं इसे खराब ब्लड सर्कुलेशन कहकर नजरअंदाज कर देती हैं। कुछ लोग तो घर पर ही एक छोटा सा कोल्ड हैंड टेस्ट भी कर लेते हैं, यानी हल्की ठंड में देखकर कि हाथ कितनी जल्दी ठंडे होते हैं और कितनी देर में गर्म होते हैं। लेकिन क्या ठंडे हाथ सच में किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं? इसका जवाब हमेशा सीधा नहीं होता।
2023 में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार महिलाओं में ठंडे हाथ अक्सर तब होते हैं जब हाथों की छोटी-छोटी नसें सिकुड़ जाती हैं। ऐसा ठंड या तनाव के कारण हो सकता है। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा इसलिए दिखती है क्योंकि हार्मोन, खासकर एस्ट्रोजन, नसों के फैलने-सिकुड़ने को प्रभावित करता है। इसके अलावा महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स कम होना और शरीर में फैट की मात्रा कम होना भी एक कारण हो सकता है। कई बार यह बिल्कुल सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया होती है, लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे कोई हेल्थ इश्यू भी हो सकता है।
यह कोई मेडिकल टेस्ट नहीं है। इसमें बस यह देखा जाता है कि हल्की ठंड में आपके हाथ कितनी जल्दी ठंडे होते हैं, क्या उंगलियों का रंग बदलता है, या ठंडे पानी में डालने पर हाथ सफेद, नीले या लाल हो जाते हैं। अगर कभी-कभार ऐसा होता है तो चिंता की बात नहीं। लेकिन अगर बार-बार रंग बदलना, झनझनाहट या सुन्नपन हो, तो ध्यान देना जरूरी है।
एक आम कारण है Raynaud's phenomenon। इसमें ठंड या तनाव के समय उंगलियों की नसें अचानक सिकुड़ जाती हैं। इससे पहले उंगलियां सफेद, फिर नीली और बाद में लाल हो सकती हैं। साथ में झनझनाहट या हल्का दर्द भी हो सकता है। यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है और अक्सर युवावस्था में शुरू होती है। ज्यादातर मामलों में यह हल्की होती है, लेकिन कभी-कभी यह ऑटोइम्यून बीमारी से भी जुड़ी हो सकती है।
ठंडे हाथ सिर्फ Raynaud’s की वजह से नहीं होते। एनीमिया होने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे हाथ-पैर ठंडे लग सकते हैं। थायरॉयड, खासकर हाइपोथायरॉयडिज्म, मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और शरीर कम गर्मी बनाता है। धूम्रपान भी नसों को सिकोड़ता है। ज्यादा तनाव या एंग्जायटी भी अस्थायी रूप से हाथ ठंडे कर सकती है।
अगर हाथ बार-बार बहुत ज्यादा ठंडे हो रहे हैं, उंगलियों का रंग बदल रहा है, सुन्नपन, दर्द या घाव हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। अगर साथ में थकान, बाल झड़ना, वजन में बदलाव या पीरियड्स अनियमित हों, तो थायरॉयड या हार्मोन की जांच जरूरी हो सकती है।
Updated on:
5 Mar 2026, 11:08 AM IST
Published on:
5 Mar 2026, 10:37 AM IST
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