
सामुद्रिक शास्त्र: काले तिल हमेशा नहीं होते शुभ, शरीर पर इस रंग के तिल माने जाते हैं सबसे लकी
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार आपके शरीर के अंगों पर मौजूद तिलों का काफी महत्व होता है। अलग अलग अंगों पर पाए जाने वाले तिल आपके जीवन से जुड़ी विभिन्न बातें बताते हैं। जैसे तिल का आकार ज्यादा छोटा होना कोई प्रभाव नहीं दर्शाता। वहीं आमतौर पर आपने शरीर पर काले रंग के तिलों को ही देखा होगा। लेकिन सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि जरूरी नहीं कि हमेशा काले तिल ही शुभ हों। अन्य रंगों के तिल का भी बड़ा महत्व बताया गया है। तो आइए जानते हैं शरीर के विभिन्न हिस्सों में पाए जाने वाले अलग अलग रंग के तिलों के बारे में...
1. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार काले की बजाय हल्के रंगों के तिल ज्यादा शुभ माने गए हैं।
2. इसके अलावा जहां एक तरफ काले तिल हमेशा शुभ संकेत नहीं देते। वहीं सामुद्रिक शास्त्र में कत्थई या लाल रंग के तिल सदा सकारात्मक प्रभाव दर्शाते हैं। अगर किसी व्यक्ति के बांह पर लाल तिल है तो ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति काफी बढ़िया होती है। जिससे उनका जीवन सुख सुविधाओं से युक्त होता है।
3. अगर आपके शरीर के किसी अंग पर शहद के रंग जैसा भूरा तिल मौजूद है तो यह भी काफी अच्छा माना जाता है। यानी यह तिल व्यक्ति के भाग्यशाली होने की तरफ इशारा करता है। दाईं कनपटी पर भूरे रंग का तिल अचानक धन लाभ का संकेत देता है।
4. आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार हरे रंग का तिल भी होता है जो कि बहुत दुर्लभ माना गया है यानी यह बहुत ही कमलोगों के शरीर पर मौजूद होता है। परंतु यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर हरे रंग का तिल है तो उसे जीवन के हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल होती है।
5. यदि किसी स्त्री के बाएं गाल पर तिल है तो इसे काफी शुभ माना जाता है। इससे उन्हें गुणवान संतान की प्राप्ति होती है। वहीं दोनों भौहों के मध्य में खाली जगह पर तिल होना भी स्त्रियों के भाग्यवान होने को दर्शाता है।
Updated on:
28 Mar 2022 11:42 am
Published on:
28 Mar 2022 11:41 am
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