भगवान शिव को समर्पित त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है, यह व्रत भगवान शंकर को उसी प्रकार प्रिय है जैसे भगवान विष्णु को एकादशी। यह त्रयोदशी तिथि भी एकादशी की तरह ही हर माह में दो यानि एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में आती हैं।
ऐसे में सितंबर 2021 में पहला हिंदू पर्व प्रदोष के रूप में शनिवार, 4 सितंबर का आ रहा है। वहीं ये भाद्रप्रद माह का पहला प्रदोष व्रत होगा। इस दिन शनिवार होने के कारण ये प्रदोष शनि प्रदोष कहलाएगा। जो शनि से प्रभावित लोगों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
दरअसल शनि के गुरु भगवान शिव ही हैं, और मान्यता के अनुसार भगवान शिव के साथ अपनी पूजा से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। त्रयोदशी के दिन भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की भी पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं हर त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है।