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रमाचरित मानस में प्रभु श्री राम के संपूर्ण की जीवन से व्यक्तियों को कुछ ना कुछ सीख जरुर मिलती है। रामायण में चौपाईयां हमें सीख देने के साथ-साथ हमारे दुखों और कष्टों से निपटने का रास्ता भी दिखाती हैं। वहीं हर मनोकामना की पूर्ति भी करती हैं। रामचरितमानस की चौपाईयों में से किसी एक को मंत्र मानकर श्रद्धापूर्वक जपने से जरूर ही इच्छा पूरी होती है।
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ऐसे करें चौपाईयों को सिद्ध
रामचरित मानस के दोहे-चौपाईयों को सिद्ध करने के लिए स्नान आदि कर स्वच्छ होने के बाद अष्टांग हवन के बाद चौपाईयां सिद्ध करें। इसके बाद जिस कार्य के लिये मानस का दिव्य मंत्र आप सिद्ध कर रहें हों, उसके लिए नित्य एक माला जप करें।
श्रीरामचरितमानस के सिद्ध मंत्र
तिन्ह कर सकल मनोरथ सिद्ध करहि त्रिसिरारि।।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान।।
मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती॥
मांडवी, श्रुतकी, रति, उर्मिला कुँअरि लई हंकारि कै।।
जे सकाम नर सुनहि जे गावहि। सुख संपत्ति नाना विधि पावहि।।
दीनदयाल बिरिदु सम्भारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।।
Published on:
07 Mar 2020 06:02 pm
