
शुभ संयोग में इस बार सावन की शिवरात्रि होगी बड़ी खास, इन चीजों से रुद्राभिषेक कर पाएं जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति
Sawan Shivratri Rudrabhishek Vidhi: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शिवजी को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। सावन के पावन महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि का भी अपना महत्व होता है। वहीं हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल 26 जुलाई 2022 को सावन शिवरात्रि पर शुभ संयोग बनने से यह दिन और भी खास हो गया है। मान्यता है कि विधिपूर्वक रुद्राभिषेक करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तो आइए जानते हैं सावन शिवरात्रि पर किन चीजों से करेंगे रुद्राभिषेक...
रुद्राभिषेक पूजन सामग्री
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रुद्राभिषेक के लिए गंगाजल, दूध, दही, पान के पत्ते, सुपारी, चंदन, धूप, कपूर, बेलपत्र, देसी घी, मौसमी फल, शहद, गुलाब जल, पंचामृत, गन्ने का रस, नारियल और मिठाई सभी सामग्री एकत्र करके रखें।
रुद्राभिषेक विधि
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद अपने घर के मंदिर में शिवलिंग को उत्तर दिशा में स्थापित करें। ध्यान रहे कि पूजा के दौरान आपका मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। वहीं रुद्राभिषेक के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या ओम नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करते रहें।
इसके बाद सबसे पहले पीतल के लोटे से शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं और रुद्राभिषेक की सामग्री एक-एक करके चढ़ाएं। फिर शिव जी को भोग लगाएं। तत्पश्चात 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद धूप, दीप से शिव परिवार की आरती उतारें। अंत में अभिषेक के जल को अपने घर के सभी हिस्सों में छिड़क दें।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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Published on:
25 Jul 2022 12:37 pm

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