31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है शुक्र प्रदोष व्रत, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

Shukra Pradosh Vrat 2022: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस साल वैशाख मास का शुक्र प्रदोष व्रत 13 मई को रखा जाएगा।

3 min read
Google source verification
Shukra Pradosh Vrat 2022, shukra pradosh vrat 13 may 2022, pradosh fast in may 2022, pradosh fast benefits, शुक्र प्रदोष व्रत की कथा, शुक्र प्रदोष व्रत की कहानी, vaishakh pradosh 2022, shukra pradosh vrat shubh muhurat, shiv puja shubh muhurat, shukra pradosh vrat ka mahatva, प्रदोष व्रत क्यों किया जाता है, प्रदोष व्रत करने की विधि, pradosh vrat kaise kiya jata hai,

सुख-सौभाग्य में वृद्धि करता है शुक्र प्रदोष व्रत, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

Shukra Pradosh Vrat Vaishakha 2022: शास्त्रों के अनुसार हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना गया है। इसलिए इस दिन शिव भगवान की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शुक्र प्रदोष व्रत रखने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने के साथ ही उसका जीवन सुखमय बनता है। वहीं यदि महीने में त्रयोदशी तिथि शुक्रवार के दिन पड़ती है तो उसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस साल 2022 में वैशाख मास का शुक्र प्रदोष व्रत 13 मई को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं भोलेनाथ की कृपा और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किस शुभ मुहूर्त में पूजा करना फलदायी होगा...

शुक्र प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त:
पंचाग के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी या तेरस तिथि का प्रारंभ शुक्रवार के दिन 13 मई को शाम 5 बजकर 27 मिनट से होगा और इसका समापन अगले दिन शनिवार को 14 मई की दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर होगा।

शास्त्रों के अनुसार, शाम के समय प्रदोष व्रत की पूजा किये जाने का प्रावधान है। ऐसे में प्रदोष व्रत की पूजा और व्रत दोनों ही 13 मई को किएजाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत में 13 मई को शिव जी की पूजा के लिए शुभ समय सायंकाल 7 बजकर 4 मिनट से रात्रि 9 बजकर 9 मिनट तक है। इसलिए भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस समयावधि में भक्तजन शिवशंभु की विधि-विधान से पूजा करें।

प्रदोष व्रत कथा:

एक बार की बात है एक शहर में तीन दोस्त रहते थे। तीनों मित्रों में से एक राजकुमार था, दूसरा ब्राह्मण का बेटा था और तीसरा एक व्यापारी का पुत्र था। तीनों मित्रों की शादी हो चुकी थी परंतु व्यापारी का बेटा अभी तक अपनी पत्नी को घर लेकर नहीं आया था यानी उसका गौना होना बाकी था। एक दिन तीनों दोस्त आपस में बातें कर रहे थे कि, ब्राह्मण के बेटे ने कहा कि, ‘स्त्री के बिना घर भूतों का डेरा होता है।’

तब व्यापारी के बेटे ने ये सुनते ही अपनी पत्नी को लाने का फैसला कर लिया। लेकिन व्यापारी ने अपने बेटे को समझाया कि अभी शुक्र देवता डूबे हुए हैं तो ऐसे समय में बहू की विदाई करवाकर उसे घर लाना शुभ नहीं होगा। परंतु व्यापारी का बेटा अपनी बात पर अड़ा रहा और अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंच गया। व्यापारी पुत्र अपनी पत्नी के साथ शहर से निकला ही था कि बैलगाड़ी का पहिया तो निकला ही साथ ही बैल की टांग भी टूट गई। जैसे-तैसे पति-पत्नी सफर में आगे बढ़े। फिर अचानक रास्ते में उन्हें डाकुओं ने पकड़ लिया और उनके पास जो भी धन था सब लूट लिया। फिर परेशान दंपति जैसे-तैसे घर पहुंचें।

घर पहुंचे ही थे कि व्यापारी के बेटे को सांप ने डस लिया। फिर वैद्य ने बताया कि व्यापारी के बेटे की तीन दिन में मृत्यु हो जाएगी। इन सब बातों का जब ब्राह्मण पुत्र को पता चला तो उसने व्यापारी के परिवार के सभी सदस्यों को शुक्र प्रदोष का व्रत करने की सलाह दी।

तब व्यापारी के बेटे, उसकी पत्नी और माता-पिता सभी लोगों ने पूरे विधि-विधान से शुक्र प्रदोष का व्रत रखा। तब शुक्र प्रदोष के शुभ प्रभाव से व्यापारी का बेटा ठीक हो गया और उनके सभी कष्ट भी दूर हो गए। साथ ही उनके जीवन में सुख-समृद्धि भी आ गई।

मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे विधि-विधान से इस दिन शिव पूजा और व्रत करता है साथ ही शुक्र प्रदोष की कथा सुनता है, शुक्र देवता उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं और इस जीवन में कभी धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं होती।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)

यह भी पढ़ें: Financial Horoscope 12 May 2022 आर्थिक राशिफल: व्यवसाय में प्रगति के साथ ही इन राशि वालों को समाज में मिलेगा मान-सम्मान

Story Loader