
som pradosh upay
सोम प्रदोष व्रत का महत्वः सोम प्रदोष व्रत सभी प्रदोष व्रत में श्रेष्ठ माना जाता है। सावन और वैशाख में इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन शिव का अभिषेक, रुद्राभिषेक, श्रृंगार महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सच्चे मन से व्रत रखकर पूजा करने से महादेव मनोवांछित फल देते हैं।
लड़के-लड़की की शादी की अड़चन दूर होती है। जिसे लक्ष्मी की प्राप्ति करनी हो या करियर में सफलता चाहिए उन्हें दुग्धाभिषेक कर फूलों की माला अर्पित करनी चाहिए। इससे भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सारी मनोकामना पूरी करते हैं।
दीर्घायु के लिएः सोम प्रदोष भगवान शिव का प्रिय व्रत है। मान्यता है कि इस दिन कैलाश पर भगवान शिव नृत्य करते हैं और देवगण उनकी स्तुति करते हैं। इस प्रसन्न अवस्था में भगवान शिव हर किसी की मनोकामना पूरी कर देते हैं। ऐसे में इस दिन कोई व्यक्ति महामृत्यंजय मंत्र का जाप करता है तो भोलेनाथ उसे दीर्घायु बनाते हैं।
धन और सुख समृद्धि के लिएः वैसे तो भगवान शिव धन के प्रति उदासीन रहते हैं, लेकिन जो धन और समृद्धि की मनोकामना को लेकर व्रत रखता है, उन्हें आदिदेव सुख समृद्धि भी प्रदान करते हैं। इस दिन भोलेनाथ का घी से अभिषेक करें और शाम के समय शिवतांडव स्त्रोत का पाठ करें तो आत्मबल बढ़ता है और धन की प्राप्ति होती है। इससे अच्छी सेहत का भी वरदान मिलता है।
अच्छे वर के लिएः कोई अविवाहित लकड़ी मनपंद वर चाहती है तो उसे 16 सोमवार तक व्रत रखना चाहिए। ऐसा करने पर भगवान शिव उसकी मनोकामना पूरी करते हैं।
दुखों के छुटकारे के लिएः भगवान शिव को धतुरा बहुत प्रिय है। इनकी पूजा में धतुरा चढ़ाना चाहिए। इससे दुखों से छुटकारा मिलता है।
मोक्ष प्राप्ति के लिएः मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रदोष के दिन लाल या सफेद आंकड़े का फूल शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।
चंद्र दोष दूर करने के लिएः सोम प्रदोष के दिन भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए, इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और चंद्र दोष भी दूर होता है।
संतान प्राप्ति के लिएः निःसंतान दंपती को सोम प्रदोष के दिन शिवलिंग पर जौ अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इससे महिला की गोद भर जाती है और उसे योग्य संतान की प्राप्ति होती है। इसके अलावा पंचगव्य से अभिषेक करना चाहिए।
Updated on:
16 Apr 2023 06:57 pm
Published on:
16 Apr 2023 06:19 pm
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