
Raksha Bandhan 2019 : तिलक और चावल लगाकर ही राखी क्यों बांधी जाती है
रक्षाबंधन पर बहने अपने भाई को राखी ( RakshaBandhan ) बांधने से पहले तिलक करती हैं, फिर उस तिलक पर चावल लगाती हैं। लेकिन ऐसा क्यों किया जाता है आप जानते हैं क्या? इसके पीछे का कारण हमारे शास्त्रों में भी बताया गया है।
शास्त्रों के अनुसार, लाल चंदन, रोली, सफेद चंदन, भस्म का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि शुभ कार्य करने से पहले तिलक लगाया जाता है। इसलिए रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan 2019 ) के दिन बहनें अपने भाई को तिलक करती हैं।
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तिलक मस्तिष्क पर दोनों भौहों के बीच किया जाता है। तिलक में लाल चंदन, रोली, सफेद चंदन का प्रयोग किया जाता है। तिलक को विजय, पराक्रम, सम्मान का प्रतीक माना जाता है। तिलक करने के बाद उस पर चावल लगाए जाते हैं।
राखी का त्यौहार सावन पूर्णिमा के दिन पड़ने के कारण चावल का महत्व बढ़ जाता है। दरअसल, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का बल अधिक होता है और चावल को चंद्रमा की वस्तु माना गया है। चंद्रमा को मन का कारक भी माना गया है।
माना जाता है कि तिलक के ऊपर चावल लगाने से मन और मस्तिष्क में शांति का वास होता है। चावल सकारात्नक ऊर्जा भी भी प्रदान करता है।
इसके अलावा चावल को सिर के पीछे भी फेंकने का रिवाज है। माना जाता है कि सिर के पिछे चावल फेंकने से नकारात्मक ऊर्जा सकारात्म ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है।
Published on:
07 Aug 2019 12:29 pm
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