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जान लें मासिक शिवरात्रि की डेट, बन रहा है अद्भुत संयोग

हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव के भक्त शिवरात्रि के रूप में सेलिब्रेट करते हैं और भगवान शिव की पूजा अर्चना कर उनका गुणगान करते हैं। चैत्र माह की शिवरात्रि 20 मार्च को पड़ रही है, इस दिन भगवान शिव के साप्ताहिक व्रत का दिन सोमवार भी पड़ रहा है। इसलिए यह दिन बेहद खास हो गया है। इस दिन कई और अद्भुत संयोग बन रहे हैं, आइये जानते हैं मासिक शिवरात्रि पर योग (Yoga on Monthly Shivratri) और मासिक शिवरात्रि उपाय (Masik Shivratri Remedy)के बारे में...

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Pravin Pandey

Mar 19, 2023

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Yoga on Monthly Shivratri

कब है मासिक शिवरात्रिः चैत्र कृष्ण चतुर्दशी की शुरुआत 20 मार्च 4.55 एएम से हो रही है, और यह तिथि 21 मार्च 1.47 एएम पर संपन्न हो रही है। मासिक शिवरात्रि तिथि पर भगवान शिव की पूजा रात में ही होती है, पूजा का श्रेष्ठ समय निशीथ काल माना जाता है। पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त 21 मार्च 12.04 एएम से 12.51 एएम तक है।


शिवरात्रि पर अद्भुत संयोगः मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। यह मासिक शिवरात्रि सोमवार को पड़ रही है, सोमवार भी भगवान चंद्रमौली की पूजा और व्रत का दिन है। इसलिए एक ही दिन भगवान चंद्रशेखर की पूजा के दो विशेष दिन पड़ रहे हैं, इस अद्भुत संयोग से यह तिथि बेहद खास हो गी है। इसके चलते इस मासिक शिवरात्रि व्रत का दोगुना फल मिलेगा और भगवान भक्त पर प्रसन्न होंगे।


चैत्र कृष्ण चतुर्दशी को बन रहे शुभ योग: चैत्र कृष्ण चतुर्दशी यानी शिवरात्रि के दिन कई विशेष योग बन रहे हैं। इनमें से एक है साध्य योग यह इस दिन 7.51 पीएम तक है।


अभिजीत मुहूर्तः 20 मार्च को यह शुभ मुहूर्त 11.47 एएम से 12.36 पीएम तक है।
अमृतकाल मुहूर्तः 4.41 पीएम से 6.07 पीएम

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मासिक शिवरात्रि पूजा विधिः मासिक शिवरात्रि का व्रत पुरुष और महिला दोनों रख सकते हैं। हालांकि जो व्यक्ति इस व्रत की शुरुआत करना चाहता है उसे इसकी शुरुआत महाशिवरात्रि से करना चाहिए। इस दिन श्रद्धालुओं को रात में जागकर भगवान शिव की पूजा करना चाहिए, क्योंकि यह पूजा मध्यरात्रि होती है । मासिक शिवरात्रि पर भगवान की पूजा इस विधि से कर सकते हैं...


1. सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
2. किसी मंदिर में शिव परिवार का दर्शन कर पूजा अर्चना करें।
3. रुद्राभिषेक करें, जल, शुद्ध घी, दूध, शक्कर, दही, शहद से करें।


4. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा चढ़ाएं, धूप-दीप, फल-फूल से पूजा करें।
5. शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा, शिव मंत्र का पाठ करें।
6. संध्या के समय फलाहार कर सकते हैं पर अन्न ग्रहण न करें।
7. मध्यरात्रि भगवान शिव की पूजा के बाद अगले दिन दान आदि के बाद व्रत खोलें।

मासिक शिवरात्रि उपाय


1. मासिक शिवरात्रि में मध्य रात्रि पूजा के समय श्रीहनुमान चालीसा का पाठ करने से उपासक की आर्थिक परेशानी दूर होती है।
2. मासिक शिवरात्रि के दिन सफेद वस्तुओं के दान से घर में धन की कमी नहीं रहती है।
3. मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से कर्जों से मुक्ति मिलती है।