रीवा

समितियों ने दबाए 2.50 करोड़ रुपए के केरोसिन का क्लेम

आठ राशन दुकान विक्रेताओं को नोटिस, जिला नियंत्रक ने बैठक कर विक्रेताओं की लगाई क्लास, पीओएस और आधार कार्ड से राशन वितरण पर दिया जोर

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May 31, 2019
2.50 crores of kerosene claim

रीवा. जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कसावट लाने के लिए जिला नियंत्रक ने ब्लाक स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है। गुरुवार को मऊगंज ब्लाक के विक्रेताओं की नकेल कसी। इस दौरान पीओएस और आधार से वितरण पर बल दिया गया। समीक्षा के दौरान नियंत्रक ने वितरण में फिसड्डी आठ राशन दुकानों के विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला नियंत्रक ने जिले में केरोसिन का क्लेम नहीं जमा करने वाली समितियों को भी नोटिस जारी कर क्लेम जमा करने का निर्देश दिया है।

समितियों के संचालकों की मनमानी
जिले में लीड समितियों के संचालकों की मनमानी के चलते २.५० करोड़ रुपए से अधिक केरोसिन का क्लेम सरकार के खजाने में नहीं जमा हो पााया है। जिससे केरोसिन वितरण प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। सबसे ज्यादा बकाया रीवा, जवा, त्योंथर ओर मऊगंज एरिया की समितियों का है। समीक्षा के दौरान बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मऊगंज में ४४ लाख रुपए से अधिक का क्लेम बकाया है। इस दौरान जिला नियंत्रक ने विक्रेताओं से जानकारी ली तो पता चला कि समितियों के पास केरोसिन की क्लेम की राशि जमा है। लेकिन, समितियों ने क्लेम का भुगतान नहीं किया। समीक्षा के दौरान जिला नियंत्रक ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यस्थाओं में कसावट लाने के लिए विक्रेताओं को समझाइश दी और पीओएस व आधार पर वितरण के लिए बल दिया। समीक्षा के दौरान लापरवाह विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है। समीक्षा के दौरान कनिष्ठ आपूर्ति नियंत्रक राजेश पटेल सहित विक्रेता मौजूद रहे।

इन राशन दुकान के विक्रेताओं को शोकॉज
जिला नियंत्रक ने समीक्षा के दौरान मऊगंज क्षेत्र में की राशन दुकान शिवपुरवा, डिघवार, जमुरहा, बेलहाइ, पिपरा, पटपहरा, बहेरीनानकार, लौर सहित कुल आठ राशन दुकन के विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चेतावनी दिया कि समय से राशन का वितरण करें और हिसाब सही रखें।

Published on:
31 May 2019 06:37 pm
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