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सूदखोरी का मकड़जाल : व्यापारी ने की सुसाइड, 2 लाख लेकर 12 लाख चुकाए, फिर भी 3 लाख कर्ज बाकी

- सूदखोरों से परेशान व्यापारी ने दी जान- 2 लाख के 12 लाख चुकाए, फिर भी 3 लाख कर्ज- सुाइड नोट में व्यापारी ने बयां किया दर्द- मृतक ने सरपंच-सचिवों पर लगाए गंभीर आरोप

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सूदखोरी का मकड़जाल : व्यापारी ने की सुसाइड, 2 लाख लेकर 12 लाख चुकाए, फिर भी 3 लाख कर्ज बाकी

सरकार की तमाम सख्तियों के बावजूद मध्य प्रदेश में सूदखोरी का जाल बिछाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वालों के हौसले पस्त पड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम ये है कि, प्रदेश में आए दिन सूदखोंरों के चक्रव्यूह में फंसकर अपनी जान गवा रहे हैं। ताजा मामला सूबे के रीवा जिले में सामने आया है। यहां एक व्यापारी ने सूदखोरों की धमकियों से तंग आकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस को अब व्यापारी द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी व्यथा थाना प्रभारी को सुनाई है।


सुसाइड नोट में मृतक व्यापारी ने लिखा कि, उसने दो लाख रुपए कर्ज लिया था, जिसके बादले में वो मरने से पहले तक 12 लाख रुपए चुका था। फिर भी सूदखोरों की कॉपी में उसके ऊपर तीन लाख रुपए बकाया चढ़े थे। आपको बता दें कि, मामला जिले के अंतर्गत आने वाले गढ़ कस्बे की है। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है।

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सुसाइड नोट में इन लोगों के नाम

व्यापारी राजकुमार ने लिखा है कि, दीपक शुक्ला निवासी गढ़ से दो लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसके बदले वह 12 लाख रुपए उनसे वसूल चुका था। अभी भी तीन लाख रुपए का उधार उसका बकाया है, जिसके लिए वह पीड़ित को आए दिन धमकियां देकर गाली-गलौज करता था। घर में आकर महिलाओं की बेइज्जती करता था। उसके साथ अमित तिवारी, अतुल दुबे भी उसे लगातार धमकियां दे रहे थे। इससे परेशान होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है।


इलाज के दौरान व्यापारी की मौत

कस्बे में हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले 53 वर्षीय व्यापारी राजकुमार जायसवाल ने 6 जून को अपने घर में जहर की गोलियां खा ली थीं। उनको परिजन ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान गत दिवस उसकी मौत हो गई। सूदखोरी का मामला तब सामने आया जब शुक्रवार को घर में उनके द्वारा लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसे उन्होंने थाना प्रभारी के नाम से लिखा था। उसमें व्यापारी ने सूदखोरों द्वारा दी जा रही यातना का उल्लेख किया। परिजन ने घटना की शिकायत दर्ज कराकर सूदखोर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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सरपंच-सचिवों पर लगाए गंभीर आरोप

सुसाइड नोट में पीड़ित ने अपने सीधेपन का लोगों द्वारा फायदा उठाने की बात कही है। इसमें सबसे ज्यादा पंचायत के सरपंच और सचिव थे, जिन्होंने उनसे उधार में गिट्टी, बालू समेत अन्य सामान लिया पर भुगतान नहीं किया। सुसाइड नोट के एक पेज में उन्होंने उधारी वालों का उल्लेख किया है और उनकी रकम भी लिखी है। उधारी वालों द्वारा पैसा नहीं लौटाया गया, जिससे वो बर्बाद हो गया और अंत में उनको अपने जीवन को समाप्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा।


कठघरे में पुलिस अभियान

सूदखोरी के खिलाफ प्रदेश स्तर पर पुलिस ने करीब साल भर पहले अभियान शु़रू किया था। जिले में रथ निकालकर अभियान का प्रचार-प्रसार किया गया और कई लोगों पर प्रकरण पंजीबद्ध भी किए, लेकिन हकीकत ये है कि, लोग सूदखोरी के जाल से मुक्त नहीं हो सके। चार दिन अभियान चलने के बाद पुलिस ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया और लोग सूदखोरी के जाल में फंसकर जान गंवा रहे हैं।


आज मेरे से पास कुछ नहीं, ट्रैक्टर भी ले जाने की तैयारी कर रहे

पीड़ित ने सुसाइड नोट में उन आखिरी पलों का दर्द भी लिखा जिसे वो पिछले लंबे समय से झेल रहा था। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि, 'मैं पूरी तरह बर्बाद हो गया हूं। आज मेरे पास कुछ नहीं है। कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर को भी आरोपी ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बेइज्जती को मैं बर्दाश्त नहीं कर सका और अपने जीवन को समाप्त कर रहा हूं।


एमपी बोले- सख्त कारर्वाई होगी

मामले को लेकर रीवा एसपी विवेक सिंह का कहना है कि, प्रकरण संज्ञान में आया है। सूदखोरी की जानकारी सामने आ रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गढ़ थाने को जल्द ही मामले की जांच पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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