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सिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर भूल गए कि इसके लिए और सुविधाएं भी चाहिए

- यात्रियों की मांग के बावजूद सिटी बसों की संख्या नहीं बढ़ा पाया नगर निगम

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रीवा

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Mrigendra Singh

Dec 31, 2018

rewa

city bus service , nagar nigam rewa madhyapradesh

रीवा। शहर में सिटी बसों के संचालन की लंबे समय से मांग की जा रही थी। पूर्व में आधे-अधूरे प्रयास भी हुए थे लेकिन अमृत योजना में इसके लिए व्यवस्थित प्रावधान किए गए। रीवा शहर के भीतर और आसपास के क्षेत्रों को जोडऩे के लिए सिटी बसों का संचालन करने की रूपरेखा तैयार की गई थी।
सरकार और नगर निगम की उपलब्धियां दिखाने के लिए बीते सितंबर महीने में पांच सिटी बसें चलाई गई, दावा किया गया था कि साल के अंत तक दूसरे क्लस्टर की सभी २३ बसें चलना प्रारंभ हो जाएंगी। साल पूरा होने जा रहा है लेकिन न तो बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया और न ही शहर के बीच किसी तरह का संसाधन बढ़ाया गया।
चुनाव में काम दिखाने के लिए जल्दवाजी में कई कार्य प्रारंभ किए गए थे, उसी की तरह सिटी बसों का संचालन भी है। शुरुआती दिनों में आटो चालकों के विरोध का सामना करना पड़ा था। बसें चल तो रही हैं लेकिन उनके आने-जाने की टाइमिंग तय नहीं होने की वजह से कम संख्या में सवारियां पा रही हैं। शहर में पहले ९३ बसें चलाई जानी थी लेकिन बस आपरेटर्स की रुचि नहीं होने के चलते इनकी संख्या घटाकर ६० कर दी गई है। सिटी बस सेवा के प्रबंधन के लिए तीन क्लस्टर में व्यवस्था बांटी गई है। इसके क्लस्टर नंबर दो का टेंडर फाइनल हुआ है। जिसमें २३ बसें चलाई जानी हैं अभी महज पांच बसें ही चल रही हैं।
चार महीने से अधिक का समय बीत गया है, बसों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकी है। इस क्लस्टर में दो तरह की बसें चलेंगी, एक मिडी बस होगी जिसमें ३४ सीटें होंगी। वहीं स्टैंडर्ड बसों में ५२ सीटों की व्यवस्था होगी।

बस स्टापेज की नहीं बना पाए व्यवस्था
शहर में बसों के खड़े होने के लिए स्टापेज बनाने की भी शर्त योजना में है। पूर्व में १७ स्थानों पर स्टापेज बनाए गए थे, जिनका उपयोग केवल विज्ञापन प्रदर्शन के लिए हो रहा है। इसमें अधिकांश ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं कि वहां पर यात्री रुकते ही नहीं। निगम ने जो सर्वे कराया है उसमें अभी शहर के भीतर ३५ नए स्टापेज बनाने हैं। इसके लिए शासन द्वारा राशि भी आवंटित की गई है लेकिन इ-टेंडरिंग पोर्टल बंद होने के चलते टेंडर ही नहीं हो पाया है।

शहर के बाहर भी जाएंगी सिटी बसें
सिटी बसों का संचालन केवल शहर के भीतर नहीं बल्कि दूसरे शहरों से जोडऩे के लिए भी होगा। क्लस्टर दो में ११ बसें शहर के भीतर चलाने का प्रावधान किया गया है। जिसमें न्यू बस स्टैंड से शहर का भ्रमण करते हुए पीटीएस चौराहे तक छह बसें और रेलवे स्टेशन से रतहरा तक पांच बसें , रेलवे से सगरा तक भी चलाने की व्यवस्था है। साथ ही १२ बसें शहर के बाहर जाएंगी। इसमें छतरपुर के लिए दो स्टैंडर्ड बसें चलेंगी वहीं जबलपुर के लिए चार स्टैंडर्ड बसें तय की गई हैं जिसमें दो एसी और दो नान एसी होंगी। सतना के लिए छह बसें निर्धारित की गई हैं। यह ३४ सीटर मिडी बसें होंगी।

रूट तय कर दिया, व्यवस्था नहीं बनाई
शहर के भीतर बसें चलाने के लिए रूट तो तय कर दिया गया है लेकिन व्यवस्था नहीं बनाई गई है। सड़कों पर अतिक्रमण है, कई जगह बीच सड़क पर ही ठेले, गुमटियां लग रहे हैं, जिससे जाम लगता है। निर्धारित रूट में न्यू बस स्टैंड से चलने वाली बस बजरंग नगर, सिरमौर चौक, कॉलेज चौराहा, शिल्पी प्लाजा, स्वागत भवन, कलामंदिर, हॉस्पिटल चौक, धोबियाटंकी, पीटीएस चौक आदि स्थानों पर सवारियां भरेगी। वहीं रेलवे स्टेशन से चलने वाली स्टेशन मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर, एजी कॉलेज तिराहा, जेपी मोड़, पडऱा, ढेकहा तिराहा, इको पार्क, जयस्तंभ, पुराने बस स्टैंड के सामने, कलेक्ट्रेट, मार्तण्ड स्कूल तिराहा, कॉलेज चौक, सिरमौर चौक, बजरंग नगर, न्यू बस स्टैंड, समान, रतहरा आदि स्थानों पर स्टापेज बनाया गया है।