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Rewa Kidnapping: परिजनों से मिलते ही छलक पड़े आंसू, देर रात डकैतों के चंगुल से मुक्त हुआ दवा विक्रेता

पुलिस ने की घेराबंदी, डकैतों के संबंध में जुटा रही जानकारी

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रीवा

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Suresh Mishra

Dec 03, 2017

dacoit clutches Free of drug dealer in rewa

dacoit clutches Free of drug dealer in rewa

रीवा। तीन दिन पूर्व तराई से अपहृत हुए दवा विक्रेता को पुलिस ने देर रात घेराबंदी कर बदमाशों के चुंगल से मुक्त करा लिया है। विक्रेता शुक्रवार की देर रात जब परिजनों से मिले तो आंखों से आंसू रुक नहीं पाए। जैसे ही पुलिस उनको लेकर घर पहुंची तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गले मिलकर परिजनों ने उनका स्वागत किया और उनको सकुशल वापस लाने के लिए पुलिस को धन्यवाद भी दिया।

डभौरा निवासी दवा विक्रेता राम सिंह बहेलिया को बुधवार की सांयकाल करीब सात बजे छमुहा जंगल में स्थित अहरी से अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने अपहृत को छोडऩे के एवज में फिरौती की मांग की थी। देर रात पुलिस ने बदमाशों का लोकेशन कोलुहा जंगल में मिला। पुलिस की आधा दर्जन टीमों ने घेराबंदी कर दी। चारों ओर से घिरे बदमाश अपहृत को छोड़कर फरार हो गए।

बदमाशों ने लूटा हुआ मोबाइल भी लौटा दिया

पुलिस ने देर रात दवा विक्रेता को जंगल से मुक्त कराया। रात करीब तीन बजे उनको सुरक्षित घर पहुंचा दिया। घर वाले उनके सुरक्षित लौटने की दुआएं कर रहे थे। दवा विक्रेता के साथ बदमाशों ने लूटा हुआ मोबाइल भी लौटा दिया। दवा विक्रेता के छूटने पर फिरौती की चर्चा भी हो रही है। कहा जा रहा है कि परिजनों द्वारा फिरौती देने पर दवा विक्रेता को छोड़ा गया है लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि पुलिस व परिजन नहीं कर रहे हैं।

असलहे से लैस आठ की संख्या में थे बदमाश
असलहे से लैस 8 की संख्या में बदमाश थे जो हर समय दवा विक्रेता के साथ रहते थे। बदमाशों की उम्र 20 से 30 वर्ष के आसपास थी, उन सभी के पास बंदूके, कारतूस मौजूद था। बदमाश मिलेट्री कलर की ड्रेस पहने हुए थे। हर समय वे चौकन्ना रहते थे और पुलिस की हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए थे। उनके खबरी पुलिस की लोकेशन भी बताते थे जिसके आधार पर वे अपना ठिकाना निर्धारित करते थे। पुलिस के लोकेशन से एक निश्चित दूरी डकैत बनाकर रखते थे।

जंगल में रातभर पैदल चलाते थे डकैत
बदमाश दवा विक्रेता को रात के समय पैदल चलाते थे। दिन के समय झाडिय़ों में आराम करते थे और दवा विक्रेता को भी आराम करवाते थे। दिन में ज्यादातर समय उनकी आंखों में पट्टी बांधकर रखते थे ताकि छूटने पर वे डकैतों का ठिकाना पुलिस को न बता सके। उनको कोई व्यक्ति जंगल में खाना पहुंचाता था। बीमारी की वजह से दवा विक्रेता जब चलने में असमर्थ हो जाते थे तो दो डकैत सहारा देकर उनको चलाते थे लेकिन वे निर्धारित स्थल पर पहुंचने से पहले नहीं रुकते थे।

घेराबंदी करने पर बदमाश अपहृत को कोलुहा जंगल में छोड़कर चले गए। उनसे डकैतों के संबंध में जानकारी ली जा रही है। 8 की संख्या में बदमाश थे और सभी हथियार लिए हुए थे। बदमाशों की तलाश की जा रही है।
राजेन्द्र चौबे, थाना प्रभारी डभौरा

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