
सतना। सरकार द्वारा घोषित वीरता पुरस्कारों में रीवा और सतना के जांबांजों को सम्मान मिला है। 19 अक्टूबर 2021 को कश्मीर (kashmir) के शोपिया में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सतना के लाल कर्णवीर सिंह को सरकार ने मरणोपरांत शौर्य चक्र (chaurya chakra) से सम्मानित किया है। जबकि, रीवा के लाल देवेंद्र प्रताप सिंह को कीर्ति चक्र (kirti chakra) देने की घोषणा की गई है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने रविवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कारों की घोषणा की है। इसमें सेना के 8 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
शहीद कर्णवीर के पिता रिटायर्ड सूबेदार रवि सिंह बताते हैं कि बेटे को खोने का गम तो जीवन भर रहेगा, लेकिन फक्र है कि बेटा मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर गया। बेटे की शहादत आसपास के लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाती रहे, इसके लिए प्रयास करते रहेंगे। उसकी याद में गांव में अस्पताल भवन बनवाएंगे ताकि आसपास के लोगों को समुचित इलाज मिल सके। वर्तमान में गांव में अस्पताल न होने के कारण लोगों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। बहादुर बेटे की बात करते ही उनकी आंखें भर आती हैं।
पत्रिका को बताया कि खुद को तो संभालत लेता हूं, लेकिन उसकी मां मिथलेश को समझाना मुश्किल होता है। कर्ण के बिना हर तीज-त्योहार अधूरे हैं। एक दिन भी ऐसा नहीं होता जब कर्ण की याद न करे।
दो आतंकियों को ढेर कर हुए शहीद
रामपुर बाघेलान के देवमऊ दलदल निवासी कर्णवीर 26 साल की उम्र में शहीद हो गए। पिता को आदर्श मानते थे। उनकी प्रेरणा से ही 2017 में सेना में भर्ती हुए। 21 राजपूत रेजिमेंट 44 आरआर में तैनात जवान कर्णवीर भी साथी सैनिकों के साथ मोर्चा संभाले हुए थे। गत वर्ष 19-20 अक्टूबर की रात कश्मीर के शोपिया में आतंकवादियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। कर्ण आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे थे, लेकिन तड़के 4 बजे आतंकियों की एक गोली उनके सिर और दूसरी सीने में जा लगी।
पुलवामा में तीन आतंकियों को मार गिराने वाले देंवेंद्र को वीरता पुरस्कार
रीवा जिले के देवेंद्र प्रताप सिंह को कीर्ति चक्र देने की घोषणा की गई है। इन्होंने 29-30 जनवरी की दरमियानी रात पुलवामा में तीन आतंकियों को मार गिराया था। आतंकियों ने पहले इन पर फायर कर दिया। अचानक से हुई फायरिंग को वह समझ नहीं पाए और सीधे जमीन पर लेट गए। जैसे ही स्थिति समझ में आई इन्होंने भी फायरिंग शुरू की और कुछ आतंकी भाग निकले। तीन को मार गिराया। यह घटनाक्रम ऐसा था कि आतंकी और सेना के जवान आमने-सामने आ गए थे।
सरकार ने कीर्ति चक्र सम्मान के लिए नायक देवेंद्र प्रताप सिंह को नामित किया है। यह मूल रूप से रीवा जिले के निवासी हैं। इनका गांव जवा विकासखंड के अंदवा में है। इनके पिता इंद्रबहादुर सिंह एवं माता का नाम उर्मिला देवी है। राष्ट्रीय रायफल की 55वीं बटालियन में यह वर्तमान में नायक के रूप में सेवारत हैं।
Updated on:
15 Aug 2022 02:18 pm
Published on:
15 Aug 2022 02:02 pm

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