- कहा भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होना सपना था, उपलब्धियों को बताया संतोष जनक
रीवा। भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे ईश्वर पाण्डेय ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है। लंबे समय से वह टीम इंडिया के लिए खेलने का प्रयास कर रहे थे लेकिन अवसर नहीं मिल पा रहा था। जिसके चलते क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है। अपनी नई पारी की शुरुआत कहां से करेंगे अभी इसके बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। सोशल मीडिया में भावुक पोस्ट लिखकर उन्होंने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया है।
वर्ष 2014 में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेलने के लिए दौरे पर गई भारतीय टीम में ईश्वर पाण्डेय को शामिल किया गया था। हालांकि उन्हें अपने खेल का प्रदर्शन दिखाने का अवसर नहीं मिला। वह लगातार प्रयास करते रहे लेकिन दोबारा टीम में शामिल होने का मौका नहीं मिला।
इसका मलाल ईश्वर को अब तक है कि अपने देश के लिए एक भी मैच खेलने का अवसर नहीं मिला। रीवा शहर के गायत्री नगर मोहल्ले के निवासी ईश्वर पाण्डेय ने मोहल्ले की टीम के साथ अपनी शुरुआत की थी। बाद में रीवा डिवीजनल क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े और उनका चयन रणजी कप के लिए हुआ। मध्यप्रदेश क्रिकेट टीम में वह लगातार खेलते रहे। बाद में भारतीय टीम में उन्हें शामिल किया गया। इसके बाद आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स, राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स से कई वर्षों तक खेला। आईपीएल के कई मैचों में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।
- सबको सहयोग देने पर धन्यवाद दिया
सन्यास की घोषणा के साथ ही ईश्वर पाण्डेय ने अब तक मिले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग पर सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने लिखा है कि भारी मन से मैंने अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। मैंने 2007 में इस अविश्वसनीय यात्रा की शुरुआत की थी और अब तक मैदान पर और बाहर बिताए हर एक पल का आनंद लिया है। एक बहुत छोटे शहर से आना और रीवा (एमपी) से भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना हमेशा एक सपना था। टीम इंडिया में शामिल होने का अवसर मिलते ही यह सपना पूरा हुआ। कहा है कि
सुबह जल्दी उठने से लेकर ट्रेनिंग के लिए रोजाना सुबह और शाम 20 किमी साइकिल की सवारी करना, 24 घंटे क्रिकेट के बारे में सोचना यह एक ऐसा संघर्ष था जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगा। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बनना सम्मान की बात थी। हालांकि मैं अपने देश के लिए खेलने के लिए भाग्यशाली नहीं था फिर भी भारतीय टीम का हिस्सा बनना हमेशा मेरे जीवन की सबसे खास याद रहेगी। परिवार के सदस्यों और रीवा डिवीजन क्रिकेट से जुड़े लोगों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।
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अच्छे खिलाड़ी का साथ किस्मत ने नहीं दिया
ईश्वर पाण्डेय की खेल प्रतिभा देखकर रीवा डिवीजन की टीम में अवसर देने वाले आरडीसीए के सचिव कमल श्रीवास्तव बताते हैं कि रीवा से एक अच्छे खिलाड़ी का उदय हुआ था लेकिन उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया। कई वर्षों तक इंतजार के बाद भी देश के लिए खेलने का अवसर नहीं मिला। ईश्वर पाण्डेय गांवों और छोटे शहरों से आने वाले खिलाडिय़ों के लिए आदर्श माना जाता है।