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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने ली एक मासूम की जान

संजय गांधी अस्पताल का मामला, काली पट्टी बांधकर कर रहे विरोध

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Suresh Kumar Mishra

Apr 17, 2016

rewa news

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रीवा।
दो दिन पहले गांधी स्मारक चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में परिजनों और जूूूनियर डॉक्टरों के बीच हुई मारपीट के बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए है। जिससे शहर की स्वास्थ्य सेवाएं लडख़ड़ा गई है। रविवार की सुबह जहां एक मासूम की मौत हो गई। वहीं मरीजों का अस्पताल से पलायन शुरू हो गया है।


मामले में जिला प्रशासन ने हस्ताक्षेप किया है। एसडीएम एलएल अहिरवार और एएसपी एसके तिवारी संजय गांधी अस्पताल पहुंचकर जूनियर डॉक्टरों को समझाने की कोशिश में लगे हुए है। लेकिन जूडॉ अपनी जिद पर अड़ा है। उनका कहना है कि सबसे पहले परिजनों को गिरफ्तार किया जाए नहीं तो वह हड़ताल नहीं खत्म करेंगे।


नर्स ने इंजेक्शन नहीं लगाए

गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह 10.30 बजे की है। गांधी अस्पताल के शिशु रोग विभाग स्थित मातृ छाया (नर्सरी) में शुक्रवार को जूनियर डॉक्टर हेमंत यादव मरीजों का इलाज कर रहे थे। उसी दौरान पुष्पेन्द्र दुबे अपने बच्चे को इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। लेकिन नर्स ने इंजेक्शन नहीं लगाए। चंद दिन पहले जन्म लेने वाले बच्चे के इलाज में हो रही देरी परिजन बर्दाश्त नहीं कर पाए। विवाद इतना बढ़ा कि परिजन मातृ छाया नर्सरी के अंदर घुस गए और जूनियर डॉक्टर हेमन्त यादव को थप्पड़ जड़ दिए।


डॉक्टरों का तानाशाह रवैया

जूनियर डॉक्टरों के तानाशाह रवैया से अस्पताल में भर्ती मरीजों की सामत आ गई है। बेपरवाह मेडिकल प्रबंधन लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा। पीडि़त परिजन बेबी आफ समी तिवारी निवासी मनगवां ने आरोप लगाते हुए कहा कि जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने हमारे बच्चे की जान ली है। क्या कसूर था इस मासूम का।

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