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सिर्फ 8 लाख राजस्व रिकॉर्ड हुए ऑनलाइन

27 लाख रिकार्ड अपलोड करने 31 मार्च तक डेडलाइन

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Suresh Kumar Mishra

Feb 14, 2016


रीवा।
जिले में राजस्व रिकार्ड की स्कैनिंग का काम कछुआ चाल से चल रहा है।छह माह समय-सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद तीस फीसदी राजस्व अभिलेखों की स्कैनिंग नहीं हो सकी है।जिला प्रशासन ने 31 मार्च तक ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम डेडलाइन दी है।

जिले के राजस्व अभिलेखों को ऑनलाइन अपलोड करने के लिए स्कैनिंग का काम आईएफएसएल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। जिसको 31 दिसंबर 2015 तक पूरा करना था। जिला भू-राजस्व अभिलेखागार के अनुसार जिले में कुल 27 लाख से अधिक राजस्व अभिलेख हैं, अभी तक मात्र 8 लाख राजस्व अभिलेखों की स्कैनिंग हो सकी है।


साइबर रूम भी अधूरे

राजस्व रिकार्ड ऑनलाइन अपलोड किए जाने के साथ-साथ जिला मुख्यालय सहित तहसील स्तर पर साइबर रूम (मॉडर्न रिकॉर्ड रूम) का निर्माण कराया जा रहा है। कलेक्ट्रेट के नए भवन सहित हुजूर, रायपुर कर्चुलियान, मऊगंज, हनुमना, नईगढ़ी, त्योंथर, जवा, सेमरिया, सिरमौर में भी साइबर रूम बनाया जा रहा। शासन ने सभी को जल्द चालू करने निर्देश दिया है।


छह स्कैनिंग मशीन बढ़ाने के लिए भेजा पत्र

स्कैनिंग के काम की प्रगति धीमी होने के चलते जिला प्रशासन ने शासन सहित सीएलआर को छह मशीनें बढ़ाने के लिए पत्र भेजा है। राजस्व अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान में स्कैनिंग के लिए कंपनी ने छह मशीन लगाई है। समीक्षा बैठक के बाद प्रगति बढ़ाने के लिए छह स्कैनिंग मशीन बढ़ाने की डिमांड सीएलआर सहित शासन को भेजी गई है।


राजस्व अभिलेखों की स्कैनिंग का काम प्रगति पर है, कंपनी को पत्र लिखा गया है, मशीनें बढ़ाकर 31 मार्च तक डेडलाइन दी गई है। पूर्ण नहीं होने की स्थिति में शासन को पत्र लिखा जाएगा।

रवि श्रीवास्तव, सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख

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