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गोविन्दगढ़ किले के प्राचीन मंदिर में चोरी, पहले भी बदमाशों के निशाने पर रहे हैं मंदिर

पंचमुखी मंदिर में हुई वारदात  

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Theft in the ancient temple of Govindgarh fort

Theft in the ancient temple of Govindgarh fort

रीवा. प्राचीन मंदिर को शनिवार रात बदमाशों ने निशाना बनाते हुए यहां से दान पेटी समेत अन्य सामान पार कर दिया। घटना से मंदिरों के पुजारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने की जांच शुरू कर दी है। गोविन्दगढ़ किला परिसर में स्थित ऐतिहासिक पंचमुंखी मंदिर में शनिवार रात बदमाशों ने धावा बोल दिया। घटना के समय पुजारी अपने घर चले गए थे। देर रात बड़े आराम से ताला तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और मंदिर में रखी दान पेटी, चांदी व पीतल के बर्तन, कपड़े सहित अन्य सामान लेकर चंपत हो गए। दान पेटी में करीब पच्चीस हजार रुपए थे। बेखौफ बदमाश इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर निकल गए लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग पाई। सुबह जैसे ही पुजारी त्रिलोकीनाथ पांडेय मंदिर में पूजापाठ करने पहुंचे तो ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए। मंदिर में रखा सारा सामान गायब था। उन्होंने घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया लेकिन बदमाशों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बता दें कि गोविन्दगढ़ के एतिहासिक मंदिर और बेशकीमती मूर्तियां सदैव बदमाशों के निशाने पर रही है।

हत्या के बाद मंदिरों में नहीं रुकते पुजारी
गोविन्दगढ़ के मंदिरों में इससे पूर्व पुजारियों की हत्या कर बेशकीमती मूर्तियों को लूटा गया था। इस घटना के आरोपियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इन घटनाओं से यहां के पुजारी हर समय दहशत में रहते हैं और रात के समय अब मंदिरों में नहीं रुकते। जिससे चोर मंदिर में धावा बोल रहे हैं।

आधा दर्जन घटनाओं का नहीं खुलासा
गोविन्दगढ़ के ऐतिहासिक मंदिरों में मौजूद बेशकीमती मूर्तियों की चोरी व लूट की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ साल के अंतराल में बदमाशों ने मूर्तियों की चोरी कर मंदिरों का अस्तित्व ही खतरे में डाल दिया है। यहां तक कि पुजारी की हत्या कर मूर्तियों को लूटने जैसी घटना का भी आज तक पर्दा नहीं हट पाया है। सभी घटनाएं आज भी पुलिस की फाइलों में दफन है। न तो आरोपी पकड़े गए और न ही मूर्तियां बरामद हो पाई।

ये हुई प्रमुख घटनाएं
1 गोविन्दगढ़ के शीतल द्वीप मंदिर में शेष शाही भगवान विष्णु की मूर्ति 2008 में चोरी हुई थी।
2 गोविन्दगढ़ के दुरबली नाथ मंदिर से 2010 में राम, जानकी व लक्ष्मण की अष्टधातु व ब्लैकस्टोन की श्रीराम की मूर्ति चोरी हुई थी।
3 गोविन्दगढ़ के पंच मंदिर से 2004 में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन की ब्लैकस्टोन से बनी मूर्ति चोरी हुई थी।
4 गोविन्दगढ़ के रमागोविन्द मंदिर से लड्डू गोपाल की अष्टधातु की मूर्ति चोरी हुई थी। इस मंदिर में पुजारी की हत्या हुई थी।
5 गोविन्दगढ़ तालाब के ऊपर रहने वाली महिला के घर से अष्टधातु की मूर्ति चोरी हो गई थी। सुआरन मंदिर की उक्त मूर्ति को महिला ने सुरक्षार्थ अपने घर में लाकर रख लिया था जिसे बदमाश उड़ा ले गए।