
शहर को बाढ़ से बचाने तैयार किया गया यह मेगा प्लान
रीवा। बरसात के दिनों में शहर के लोगों के लिए समस्या बनने वाले नालों का उन्नयन करने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम ने एक कार्ययोजना बनाई है जिसमें 20 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है। यह प्रस्ताव मंगलवार को मेयर इन काउंसिल की बैठक में रखा गया, जहां से अनुमति देते हुए शासन के पास भेजे जाने का निर्णय लिया गया है।
अमृत योजना के तहत होगा काम
इससे शहर के भीतर के 17 नालों का चौड़ीकरण और पक्के निर्माण के साथ व्यवस्थित किया जाएगा। एमआईसी सदस्य नीरज पटेल ने प्रस्ताव रखा कि 10 करोड़ रुपए अमृत योजना के तहत बरसाती नालों के निर्माण के लिए प्राप्त हुए हैं। इतनी ही राशि राज्य सरकार से मांगी गई है। भोपाल में स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी की बैठक भी होने जा रही है, जहां पर यह प्रस्ताव रखा जाएगा।
जेल मार्ग खोलने की उठाई मांग
धोबिया टंकी से जेलमार्ग को फिर खोले जाने की मांग एमआईसी में उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि यह मार्ग बंद होने से लोगों को आनेजाने में असुविधा होती है। सदस्य नीरज पटेल ने कहा है कि उनके वार्ड के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का आक्रोश है, यदि मार्ग नहीं खुला तो उनके साथ धरना-प्रदर्शन भी करना पड़ेगा। आयुक्त ने कहा कि कलेक्टर के निर्देश पर बंद हुआ है। जिस पर महापौर एवं सदस्यों ने कहा कि वह कलेक्टर से चर्चा कर इसे खोलवाएं।
कचरा डंपिंग साइट क्लोजर का प्रस्ताव लौटाया
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कोष्टा में बनाए गए कचरा डंपिंग साइट के क्लोजर का प्रस्ताव एमआईसी के सामने रखा गया। जहां पर सदस्यों की ओर से कई तकनीकी खामियां बताई गई, जिसके चलते महापौर ने कहा है कि अगली बैठक में संशोधन करने के बाद इसे लाया जाए। पहडिय़ा में कलस्टर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है इस कारण कोष्टा की साइट बंद कर वहां पर नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है।
पार्किंग शुल्क प्रस्ताव परिषद को भेजा
आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए बाजार बैठकी ठेका, अम्बेडकर बाजार के पीछे एवं शिल्पी प्लाजा के पीछे वाहन पार्किंग शुल्क वसूली, पुष्पराज टाकीज के पास स्टैण्ड शुल्क वसूली, सिरमौर चौराहा में फ्लाई ओव्हर के नीचे वाहन पार्किंग शुल्क में दस प्रतिशत की प्रीमियम में बढ़ोत्तरी करते हुए परिषद के पास प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख एजेंडों को स्वीकृति दी गई।
एई की बहाली की अनुशंसा
निगम के सहायक यंत्री आनंद सिंह को जेल भेजे जाने के चलते निलंबित किया गया था। गत दिवस कोर्ट के निर्देश पर आयुक्त ने बहाल कर दिया था। निलंबन एमआईसी की अनुमति के बाद हुआ था इस कारण बहाल किए जाने के बाद एमआईसी के सामने अनुशंसा के लिए प्रस्ताव रखा गया। इसमें कई सदस्यों ने यह कहते हुए विरोध दर्ज कराया कि जब निलंबन यहां से हुआ तो बहाली अपने मन से कैसे कर दी। इसबात को लेकर काफी देर तक बैठक में बहस भी हुई। आखिर में सभी ने स्वीकृति देने की हामी भर ली। सिंह को अदालत ने हत्या के प्रकरण में साजिश का आरोपी बनाया है।
Published on:
03 Jan 2018 12:31 pm

बड़ी खबरें
View Allरीवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
