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भूख हड़ताल पर बैठे वेटनरी छात्रों की तबीयत बिगड़ी, एक की हालत गंभीर, दो छात्राएं हुई बेहोश

पांच घंटे बाद पहुंची डॉक्टरों की टीम, वेटनरी कॉलेज में प्रशिक्षु छात्रों की हालत बिगडऩे की सूचना पर कॉलेज पहुंचा प्रशासन, आंदोलन खत्म करने दी समझाइश

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Veterinary students sitting on hunger strike deteriorate

Veterinary students sitting on hunger strike deteriorate

रीवा. वेटनरी कॉलेज में प्रशिक्षु छात्रों की तबियत बिगडऩे पर अफसरों में हड़कंप मच गया। भूख हड़ताल के तीसरे दिन सुबह चार छात्रों की तबियत खराब हो गई। जिसमें एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तबियत बिगडऩे वालों में दो छात्राएं शामिल हैं। सूचना के पांच घंटे बाद जिम्मेदार जागे। दोपहर एसडीएम हुजूर फरहीन खान पुलिस बल के साथ वेटनरी कॉलेज पहुंचीं और छात्रों को भूखहड़ताल खत्म करने की समझाइश दी। छात्र लंबित मांगों पर अड़े हुए हैं।

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पिछले सात दिन से हड़ताल पर
वेटनरी कॉलेज में छात्र पिछले सात दिन से हड़ताल पर हैं। तीन दिन से आधा दर्जन छात्रों ने भूखहड़ताल शुरू कर दिया है। भूखहड़ताल करने वाले खुशी जैन, विनोद दांगी, विकलेश, मनीषा और रामेश रजोरिया की तबियत बिगड़ गई। रोमेश रजोरिया की हालत ज्यादा बिगडऩे पर जिला अस्पताल के इमर्जेंस वार्ड में रखा गया है। सूचना के पांच घंटे के बाद भी डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंचीं। इसके बाद छात्रों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। एसडीएम हुजूर फरहीन खान और एसपी सिटी शिवेन्द्र ङ्क्षसह मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाइश दी। एसडीएम ने कहा आप की मांगों का ज्ञापन शासन और विभाग को भेज दिया गया है। जो भी कुछ होगा वह शासन से ही होगा। हड़ताल खत्म करिए। भूख हड़ताल पर छात्र देरशाम तक बैठे रहे।

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ये हैं प्रमुख मांगें
इनकी प्रमुख मांगों में प्रदेश भर में 1671 स्वीकृत पदों को बढ़ाकर सात हजार करने और इंटर्नशिप के दौरान ४६०० रुपए मिलने वाले मानदेय को 20 हजार रुपए करने की मांग शामिल है। पीजी के छात्र सुबह दस से सायं पांच बजे तक एवं अवकाश के दिन भी ड्यूटी करते हैं तो इसके लिए विशेष मानदेय देने की मांग शामिल हंै। वेटरनरी कॉलेज के छात्रों की सरकार से प्रमुख नाराजगी की एक वजह यह भी है कि सरकार अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर वेटरनरी कॉलेज प्राइवेट खोलने की अनुमति देने की तैयारी कर रही है। छात्रों का कहना है कि सरकार वेटरनरी के डॉक्टर तो अधिक संख्या में तैयार करवा देगी लेकिन उनके लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध नहीं कराने से परेशानी और बढ़ेगी। मेडिकल छात्रों की तरह वेटरनरी छात्रों के पास विकल्प कम रहेंगे। इस धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से डॉ रविन्द्र गोले, मयंक शर्मा, गुरुदत्त दोनेरिया, आदित्य कुरकुरे, आशीष चौधरी, विकलेश सिंह सहित कई अन्य छात्रों ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

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