गांव का नाम बदलकर दुर्गानगर करवाना चाहते हैं यहां के लोग, ग्रामीणों का कहना है कि, मंत्रालय में धूल खा रही है इसके आवेदन की फाइल।
अंग्रेजी भाषा के अद्वितीय नाटककार विलियम शेक्सपीयर ने कहा था, नाम में क्या रखा है। अब नाम में क्या रखा है, ये बात रीवा जिले के एक गांव के लोगों से पूछिए, जो अपने गांव के नाम को लेकर ही काफी परेशान हैं। दरअसल, इस गांव का नाम वही है, जो आम बोलचाल में एक गाली के तौर पर प्रयोग की जाती है। ऐसे नाम की वजह से गांव के लोगों को हमेशा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
गांव के लोग पिछले 14 वर्षों से इसका नाम बदलवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अबतक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है। यहां हम बात कर रहे हैं, रीवा जिले की गुढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव 'भुसड़ी' की। ये गांव रीवा से 12 किलोमीटर दूर है। चूंकि, गांव के नाम जैसी एक गाली भी होती है, इसलिए यहां के रहवासियों को गांव का नाम लेने में शरमिंदगी होती है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि, गांव के नाम की वजह से उन्हें कई बार नीचा देखना पड़ता है। यही वजह है कि, ये लोग अपने गांव का नाम बदलवाना चाहते हैं।
2009 से नाम बदलने की जद्दोजहद कर रहे ग्रामवासी
इसके लिए ग्रामवासियों की ओर से सबसे पहले साल 2009 में जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया था। इसके बाद से रहवासी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों से गांव का नाम बदलने का आग्रह किया गया। वे मंत्रालय पहुंचकर राजस्व विभाग में भी आवेदन दे चुके हैं। 14 साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी गांव का नाम नहीं बदला जा सका है। फिलहाल, इस मामले की फाइल मंत्रालय में धूल खा रही है।
सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बदला नाम
सतना जिले के कूंची गांव का नाम भी दो साल में अबतक नहीं बदला जा सका है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2021 मे कूंची का नाम बदलकर चंदनगढ़ किए जाने की घोषणा की थी।
वर्ष 2023 में इन गांवों व करबों के नाम बदले
-4 जनवरी को टीकमगढ़ जिले के ग्राम अर्चरा का नाम आचार्य धाम हो गया।
-4 जनवरी को जिला टीकमगढ़ के ग्राम शिवपुरी का नाम कुंडलेश्वरघाम हे गया।
-1 फरवरी को भोपाल जिले के इस्लाम नगर का नाम जगदीशपुर कर दियागया।
-2 अप्रैल को सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरूदा कर दिया गया।
नाम बदलने की प्रक्रिया
किसी भी गांव या शहर का नाम बदलने के लिए राज्य शासन केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद राज्य शासन की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाती है। फिर राजस्व विभाग इस संबंध में आदेश जारी करता है।