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मंगलगिरी में बना बुंदेलखंड का दूसरा नंदीश्वर द्वीप जिनालय, 152 प्रतिमाओं की होगी स्थापना

सागर. शहर के मंगलगिरी जैन तीर्थ क्षेत्र में ढाई करोड़ रुपए की लागत से नंदीश्वर द्वीप मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। पिछले 4 सालों से इसका काम लगातार जारी है। इस वर्ष पंचकल्याणक के बाद यह धर्म और समाज के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इस नवंबर पंचकल्याणक विशुद्ध सागर महाराज कराएंगे।

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सागर

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Reshu Jain

Jan 08, 2025

nandisvar

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इस वर्ष आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में होंगे पंच कल्याणक

सागर. शहर के मंगलगिरी जैन तीर्थ क्षेत्र में ढाई करोड़ रुपए की लागत से नंदीश्वर द्वीप मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। पिछले 4 सालों से इसका काम लगातार जारी है। इस वर्ष पंचकल्याणक के बाद यह धर्म और समाज के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इस नवंबर पंचकल्याणक विशुद्ध सागर महाराज कराएंगे। मंदिर का निर्माण कार्य कराने वाले प्रमोद वारदाना ने बताया कि मंदिर में 152 जैन प्रतिमाएं स्थापित होंगी। 70 फीट लंबाई 70 फीट चौड़ाई और 70 फीट ऊंचाई के इस नंदीश्वर द्वीप का निर्माण साल 2019 से शुरू किया गया था, हालांकि बीच में कोरोनाकाल के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन उसके बाद से लगातार जारी है।

इस नंदीश्वर द्वीप में 152 जैन प्रतिमाएं स्थापित। यह बुंदेलखंड का दूसरा नंदीश्वर द्वीप मंदिर कहलाएंगा। पहला मंदिर टीकमगढ़ के पपोराजी तीर्थ क्षेत्र में है।क्या होता है नंदीश्वर द्वीपजैन धर्म की मान्यता के अनुसार नंदीश्वर द्वीप पृथ्वीलोक के ऊपर स्थित ऐसा आठवां द्वीप है। जहां केवल देवता ही पूजा कर सकते हैं। यहां पर 525 जिनालय हैं जिनमें 525 धनुष प्रतिमाएं विराजमान है। उसी की प्रतिकृति के रूप में जैन तीर्थों में नंदीश्वर द्वीप बनाया जाता है जहां पर जैन समाज के लोग पूजा अर्चना करते हैं। इसका विशेष महत्व होता है।