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पैरामेडिकल के 8 कोर्स शुरू होंगे, 140 सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन

-पीसीआई जल्द करेंगी निरीक्षण, संबद्धता के लिए बीएमसी को जबलपुर मेडिकल कॉलेज करेंगे एप्लाइ  

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सागर

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Aakash Tiwari

Apr 16, 2019

पैरामेडिकल के 8 कोर्स शुरू होंगे, 140 सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन

पैरामेडिकल के 8 कोर्स शुरू होंगे, 140 सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन

सागर. बीएमसी में पैरामेडिकल के 8 कोर्स शुरू होंगे। इनके लिए 140 सीटों की मांग प्रबंधन ने की है। बताया जाता है कि सभी सीटों के रजिस्ट्रेशन भी हो चुके हैं। प्रबंधन ने 1 लाख 59 हजार रुपए की राशि भी पैरामेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ( पीसीआइ) के पास जमा कर दी है। बता दें कि यह प्रक्रिया दो महीने से चल रही थी। पीसीआई ने कोर्स और फीस के निर्धारण को लेकर बीएमसी प्रबंधन को प्रपोजल तैयार करने को कहा था। प्रबंधन ने सभी विभागों से कोर्स संबंधी जानकारी लेकर ८ कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। अब पीसीआई की टीम बीएमसी में निरीक्षण करने के लिए आएगी।

दल बीएमसी में कोर्स से संबंधित निरीक्षण करेगी। यह देखेगी कि यहां पर टीचिंग स्टाफ कितना है और लैब आदि की क्या सुविधा है। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट पीआईसी को देगी। जहां मंजूरी मिलने के बाद पीसीआई बीएमसी को जबलपुर युनिवर्सिटी से कोर्स के लिए संबद्धता कराने को कहेगी। इसके लिए प्रबंधन आवेदन देगा। इसके बाद यूनिवर्सिटी से भी टीम निरीक्षण के लिए आएगी। यदि जबलपुर विवि से अनुमति मिल जाती है तो यह कोर्स शुरू हो जाएंगे।
-ये हैं डिप्लोमा कोर्स और सीटें

डीएमएलसी-50
डायलिसिस तकनीशियन-10

एनेस्थिेसिया तकनीशियन- 10
रेडियोग्राफी तकनीशियान-10

ऑप्थेल असिस्टेंट-10

-ये हैं सर्टिफिकेट कोर्स

ओटी तकनीशियन-30
ईसीजी तकनीशियन-10

आर्थों तकनीशियन - 10

-डिप्लोमा कोर्स की फीस है 22 हजार
बीएमसी प्रबध्ंान द्वारा डिप्लोमा और सिर्टीफिकेट कोर्स के लिए फीस का निर्धारण कर लिया है। डिप्लोमा कोर्स के लिए 22 हजार रुपए निर्धारित की है। वहीं, सर्टीफिकेट कोर्स की फीस 16 हजार 500 रुपए तय की है। जानकारी के अनुसार एक महीने के अंदर दोनों प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद कोर्स के लिए ऑन लाइन आवेदन शुरू होंगे और मेरिट के आधार पर इन कोर्स में विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा।

बीएससी नर्सिंग और नॉन क्लीनिकल विभागों में पीजी मिलने के बाद पैरामेडिकल कोर्स शुरू होने जा रहा है। यह बुंदेलखंड के विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धी है। इससे पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर होगी। साथ ही अभ्यर्थियों को कोर्स करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ. जीएस पटैल, डीन बीएमसी