
अपनी धरती के बेटों का विजेता की तरह स्वागत, देखें क्या है खास
सेना से सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे दो जवानों को घोड़े पर बिठाकर निकाला जुलूस
सम्मान: अपनी धरती के बेटों का विजेता की तरह स्वागत
सागर/ रहली. सेना से 17 साल की सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हुए दो जवानों का अपने घर लौटने पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। घोड़े पर बिठाकर पूरे रहली शहर में जुलूस निकाला और जयकारे लगाए। बाद में दोनों जवानों का शहर के महाराणा प्रताप पार्क में सम्मान किया गया।
जानकारी के अनुसार कुंअर सिंह राजपूत (सिग्नल रेजीमेंट महू) एवं अवधेश सिंह राजपूत (महार रेजीमेंट सागर) दोनों निवासी गुणकला शनिवार को सेना से विदा होकर गांव लौट रहे थे। रहली शहर की सीमा में प्रवेश करते ही भारी भीड़ और ढोल ढमाके देखकर भौचक रह गए। जब तक कुछ समझ पाते युवाओं की टोली आगे बढ़ी और दोनों को घोड़ों पर बिठा दिया। आतिशबाजी करते हुए डीजे की देशभक्ति की धुन के बीच उनका नगर भ्रमण कराया गया। उनके साथ सडक़ पर भारी संख्या में चलते लोग नारे और जयकारे भी लगाते रहे। घोड़ों पर बैठे जवानों के बच्चों ने चरण छुए और उनकी तरह देशसेवा करने का संकल्प लिया। महराणा प्रताप पार्क में दोनों जवानो का सम्मान किया गया। इस दौरान रीतेश पटैरिया, राजेश सिंह परसाई, गोल्डी उदयपुरा, सीताराम बडगान, रामराज राजपूत, पप्पू गौर, छतरसिंह बगरोन सहित बडी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
उत्सव जैसा रहा माहौल
अपनी धरती के जवानों के स्वागत के लिए उमड़े लोगों ने शहर का माहौल उत्सवी बना दिया। जिस धरती पर खेल-कूदकर बड़े हुए और इसी रास्ते से सेना में रहकर देशसेवा करने वाले इन जवानों की आंखें उन्हीं गलियों में इस तरह के स्वागत से नम हो गईं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्यार और सम्मान पाकर वे धन्य हो गए। सम्मान समारोह के बाद उन्हें उसी तरह जुलूस के साथ गुणाकला स्थित घर तक पहुंचाया गया।
Published on:
02 Feb 2020 03:35 pm
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