
Beloved sister and the duty of teachers engaged in evaluation work, locks in schools
बीना. सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य में गंभीरता नहीं बरती जा रही है। स्कूल समय से नहीं खुलते या फिर अन्य कार्यों में ड्यूटी लगा दी जाती है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी समय से स्कूल नहीं खुल रहे हैं। मंगलवार की सुबह कुछ स्कूलों का निरीक्षण किया, तो सुबह 9 बजे ताले लगे मिले। प्राथमिक स्कूल रुसल्ला सुबह 8.50 बजे और प्राथमिक स्कूल बेरखेड़ी माफी सुबह 9 बजे बंद थी। रुसल्ला स्कूल का गेट बंद था और बच्चों के बैग गेट पर रखे हुए थे। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश स्कूल समय पर नहीं खुलते हैं और यह स्थिति पूरे वर्ष रहती है, जिससे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों की ड्यूटी अन्य कार्यों में लगा दी जाती है, जिससे वह स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। अभी भी लाड़ली बहना योजना और कक्षा पाचवीं, आठवीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगी हुई है। जिन स्कूलों एक शिक्षक हैं उनकी भी ड्यूटी लगा दी जाती है। बेरखेड़ी माफी में एक शिक्षक होने के बाद भी मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी लगा दी गई है।
बच्चों को नहीं आता पढऩा, लिखना
कई प्राथमिक और माध्यमिक ऐसे हैं, जहां बच्चों को पढऩा, लिखना भी ठीक तरीके से नहीं आता है। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हुई है और कई जगह परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए नकल भी कराई गई। यदि शिक्षक नियमित समय से स्कूल खोलकर अध्यापन कार्य कराएं, तो शिक्षा का स्तर सुधर सकता है।
शिक्षकों की लगी है ड्यूटी
मूल्यांकन और लाड़ली बहना योजना में शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है। बेरखेड़ी स्कूल के शिक्षक की ड्यूटी मूल्यांकन में लगी है, लेकिन अतिथि शिक्षक को स्कूल खोलना था। रुसल्ला के शिक्षक का कहना है कि वह स्कूल समय पर पहुंच थे।
महेन्द्र जाट, बीआरसीसी, बीना
Published on:
25 Apr 2023 09:21 pm
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