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अब एनीमिया से पीडि़त महिलाओं की एफसीएम इंजेक्शन बचाएगा खून

-जिला अस्पताल में हर दिन औसतन 3 सीवर एनीमिया से पीडि़त महिलाएं हो रही भर्ती  

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सागर

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Aakash Tiwari

Feb 07, 2019

Blood will save FMM injections of women suffering from anemia now

अब एनीमिया से पीडि़त महिलाओं की एफसीएम इंजेक्शन बचाएगा खून

सागर. अब खून की कमी के कारण महिलाओं की मौत नहीं होगी। सीवर एनीमिया के कारण हो रही मौतों को देखते हुए सरकार ने अब सरकारी अस्पतालों में फैरिक कारबॉक्सी मेल्टोस (एफसीएम ) इंजेक्शन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। जल्द ही डिमांड के आधार पर यह इंजेक्शन जिला अस्पताल और बीएमसी में उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि यह इंजेक्शन सीवर एनीमिया से ग्रसित महिलाओं को नि:शुल्क लगाए जाएंगे।

-क्या है एफसीएम इंजेक्शन

एफसीएम इंजेक्शन से खून को तुरंत बढ़ाने का काम करता है। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम से 7 ग्राम है, उन्हें यह इंजेक्शन लगाया जाता है। इस इंजेक्शन लगने के बाद एक बार में ही महिला के अंदर खून की कमी पूरी हो जाएगी और उसे तीन दिन तक भर्ती नहीं होना पड़ेगा। यह इंजेक्शन बाजार में तो है, लेकिन इसकी उपलब्धता कम है, साथ ही इसकी कीमत करीब तीन हजार रुपए है। अब शासन से नि:शुल्क मिलने पर अब फ्री में महिलाओं को यह इंजेक्शन लगाया जाएगा।

-अभी तक आयरन सियूक्रोज का लगता है इंजेक्शन

एनीमिया से पीडि़त महिलाओं को अभी अस्पताल में आयरन सियूक्रोज का इंजेक्शन लगाया जाता है, लेकिन अति गंभीर एनीमिया से पीडि़त महिलाओं के लिए यह इंजेक्शन कारगर साबित नहीं होता है। 2 से 3 इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। हालांकि यह इंजेक्शन अस्पताल में नि:शुल्क लगाया जाता है।

- तीन माह का मांगा स्टॉक

एफसीएम इंजेक्शन के लिए मप्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। जल्द ही अस्पतालों से डिमांड मांगी जाएगी। देखा जाए तो जिला अस्पताल में औसतन प्रतिदिन तीन सीवर एनीमिया से पीडि़त महिलाएं भर्ती होती हैं। एेसे में हर महीने 90 से 100 इंजेक्शन की हर महीने जरूरत पड़ेगी।

सीवर एनीमिया से पीडि़त मरीजों की जान बचाने के लिए सरकार ने एफसीएम इंजेक्शन अस्पताल में मुफ्त लगाने का निर्णय लिया है। मांग के आधार पर शासन से इंजेक्शन की डिमांड की जाएगी ताकि मरीजों को शीघ्र लाभ मिल सके।

डॉ. ज्योति चौहान, प्रभारी गायनी जिला अस्पताल