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अवैध कॉलोनियों में प्लाट लेने वाले नहीं बना पा रहे मकान, नपा से न हो रहे नामांतरण और न मिल रही अनुमति

लोगों ने कहा जब अवैध कॉलोनी थी, तो क्यों बिकने दिए गए प्लाट, पहले ही लगानी थी रोक

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Those who have purchased plots in illegal colonies are unable to build houses, there is no name transfer from the Municipal Corporation and no permission is being granted.

फाइल फोटो

बीना. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां काटी गई हैं और अब प्रशासन ने कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई शुरू की है, जिससे लाखों रुपए खर्च कर प्लाट खरीदने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। क्योंकि उन्हें निर्माण की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे लोगों में भी कॉलोनाइजरों के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।
नगर पालिका ने 67 कॉलोनाइजरों पर एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर ली है, इसके चलते कॉलोनियों में नामांतरण पर रोक लगा दी है और भवन बनाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। अभी तक नगर पालिका में 70 नामांतरण और 80 अनुमति के आवेदन आए हैं, जो निरस्त कर दिए गए हैं। ऐसे में अब इन कॉलोनियों में प्लाट लेने वाले लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लाखों रुपए खर्च कर मकान बनाने के लिए प्लाट लिया है और अब उन्हें अनुमति नहीं मिल रही है। यदि वह बिना अनुमति मकान बनाते हैं, तो कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। जिन लोगों को मकान का काम शीघ्र लगाना है वह नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं। परेशान लोगों का कहना है कि उन्होंने रुपए खर्च कर प्लाट खरीदा है और यदि कॉलोनी अवैध थी, तो रजिस्ट्री करने पर रोक लगानी थी, जिससे प्लाट ही नहीं खरीदते।

कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई करने देंगे आवेदन
जिन लोगों ने प्लाट खरीदे हैं, वह भी कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई कराने के लिए अधिकारियों को आवेदन देने की तैयारी कर रहे हैं। पूर्व में भी लोग सडक़, नाली, पानी की व्यवस्था न होने पर कार्रवाई के लिए शिकायत कर चुके हैं।

लोगों को जागरूक होने की जरूरत
लोगों को प्लाट खरीदते समय जागरूकता दिखानी चाहिए। कॉलोनी वैध है या अवैध इसकी जानकारी लेना चाहिए। कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं हैं या नहीं यह भी देखना चाहिए। रजिस्ट्री पर रोक नहीं रहती है।
राहुल कुमार कौरव, सीएमओ, बीना