30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जेल में तबीयत बिगडऩे के बाद बीएमसी में भर्ती बंदी की मौत, परिजन ने ये लगाए आरोप

न्यायिक जांच के आदेश दिए

2 min read
Google source verification
BMC recruitment prisoner death after jail disturbed

BMC recruitment prisoner death after jail disturbed

सागर. केंद्रीय जेल में प्रतिबंधात्मक मामले के बंदी की तबीयत बिगडऩे के बाद बीएमसी में सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन की सूचना पर शाम को पहुंचने परिजनों ने पोस्टमार्टम के दौरान शव पर मारपीट के निशान होने और प्रताडऩा से मौत की शंका जताई है। पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेज की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।


डिप्टी जेल अधीक्षक मदन कमलेश के अनुसार बाघराज वार्ड के पण्डापुरा निवासी नरेन्द्र रैकवार को पुलिस ने पत्नी से मारपीट की शिकायत पर धारा १५१ के तहत हिरासत में लेकर २७ अप्रैल को जेल भेजा था। नरेन्द्र शराब पीने का आदी था। गोपालगंज पुलिस द्वारा जेल में दाखिल कराने के अगले दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई तो डॉक्टर ने उपचार किया। अगले दिन २९ अप्रैल को जब नरेन्द्र ने फिर शिकायत की तो उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां उसे भर्ती कर लिया गया और वहीं सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

सूचना के कई घंटे बाद आए परिजन
केंद्रीय जेल के बीएमसी स्थित वार्ड में भर्ती नरेन्द्र रैकवार की मौत की सूचना जेल प्रशासन ने सुबह ही उसके परिजनों को दी थी। तब परिवार के सदस्य एक आयोजन में शामिल होने जैसीनगर के पास करईया गांव गए थे। वाहन का इंतजाम करने के बाद वे शाम करीब ४ बजे सागर पहुंचे जहां पुलिस ने दस्तावेजी कार्रवाई के बाद न्यायिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया।

शव पर मारपीट के निशान
नरेन्द्र रैकवार की बहन बब्ली और भाई योगेश ने पोस्टमार्टम के बाद शव पर मारपीट के निशान होने पर अंदेशा जताया है। उनका कहना था कि भाभी की शिकायत पर पुलिस उसे घर से पकड़कर ले गई थी। नरेन्द्र बीमार नहीं था, यदि अचानक तबीयत बिगड़ गई थी तो दो दिन तक परिवार को खबर क्यों नहीं दी गई? थाने या जेल में मारपीट से मौत हुई हैं।

जेल को पुलिस ने मेडिकल जांच के बाद नरेन्द्र रैकवार को सौंपा था। तबीयत खराब होने के कारण उसे बीएमसी भेजा गया था। जेल में नरेन्द्र के साथ मारपीट नहीं हुई, जिसे चोट समझा जा रहा है वे इंजेक्शन और बॉटल की सुई के कारण बने हैं।
राकेश कुमार भांगरे, अधीक्षक, केंद्रीय जेल सागर

Story Loader