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स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नहीं दी बीपीसीएल ने कार्यक्रम की सूचना, सिर्फ सांसद हुईं शामिल

बीना. बीपीसीएल बीना रिफाइनरी ने शनिवार को मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का कार्यक्रम शहर के एक मैरिज हॉल में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद लता वानखेड़े थीं और वह शामिल हुईं, लेकिन विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा मंडल अध्यक्ष शामिल नहीं हुए। इसका कारण बीपीसीएल द्वारा उन्हें सूचना न देना […]

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BPCL did not inform local representatives about the event, only the MP attended.

कार्यक्रम में शामिल सांसद

बीना. बीपीसीएल बीना रिफाइनरी ने शनिवार को मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का कार्यक्रम शहर के एक मैरिज हॉल में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद लता वानखेड़े थीं और वह शामिल हुईं, लेकिन विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा मंडल अध्यक्ष शामिल नहीं हुए। इसका कारण बीपीसीएल द्वारा उन्हें सूचना न देना बताया है। इस लापरवाही पर सभी ने बीपीसीएल प्रबंधन पर नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कार्यक्रम में शामिल न होना चर्चा का विषय बना है।
जानकारी के अनुसार बीपीसीएल ने 516 मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति पुरस्कार देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया था। कार्यक्रम में सांसद तो शामिल हुईं, लेकिन विधायक निर्मला सप्रे, नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार, जनपद अध्यक्ष ऊषा राय, भाजपा मंडल नगर मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र उपाध्याय, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष संजय ठाकुर नदारद रहे। जब इस संबंध में सभी से चर्चा से की गई, तो किसी ने देरी से सूचना मिलना, तो किसी ने सूचना न मिलने की बात कही। विधायक ने बताया कि बीपीसीएल प्रबंधन के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सूचना नहीं दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही और मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं। नो-डेवलपमेंट एरिया में प्लांट लगवा दिए गए हैं और किसानों, ग्रामीणों को कोई कार्य नहीं करने दिया जाता है। इसकी शिकायत पेट्रोलियम मंत्रालय में की जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं थी। वहीं, जनपद अध्यक्ष ने बताया रात में देरी से सूचना मिली। नगर मंडल अध्यक्ष को रात में सूचना दी गई और ग्रामीण मंडल अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया।

पूर्व की एक बैठक भी हो सकती दूरी का कारण
कुछ दिनों पहले सांसद ने रिफाइनरी के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया था। उनके साथ सागर से आए करीब 11 लोग शामिल हुए थे। सूत्रों की मानें तो यह भी नाराजगी का कारण हो सकता है।

अचानक कार्यक्रम हुआ तय
दो दिन पूर्व ही कार्यक्रम तय हुआ, इसलिए सूचना देने में देरी हुई है, लेकिन सूचना सभी को दी गई थी।
केपी मिश्रा, चीफ मैनेजर, एचआर, बीपीसीएल