
450 किमी भूखा-प्यासा बाइक से पहुंचा और बहन की चिता पर जल गया जिंदा
सागर. मध्यप्रदेश में भाई-बहन के अनूठे प्रेम की कहानी सामने आई है, एक बहन की मौत हो जाने के बाद भाई 450 किलोमीटर दूर से बाइक चलाकर आया और भूखा-प्यासा ही बहन की चिता पर लेटकर जिंदा जल गया, ऐसे में घरवालों ने भी बहन की चिता के पास ही भाई की चिता जलाई, तो हर किसी की आंखें आंसुओं से नम हो गई।
जानकारी के अनुसार सागर जिले के मझगुवां गांव में एक ज्योति उर्फ प्रीति (21) की मौत कुए में डूबने के कारण हो गई थी, वह घर से खेत पर जाने का बोलकर गई थी, लेकिन जब काफी देर बाद भी नहीं आई तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया, इसके बाद उसका शव कुए से मिला, इस घटना की जानकारी ज्योति के चचेरे भाई करण ठाकुर (19) को लगी, तो वह धार से सागर जिले तक करीब ३५० किलोमीटर बाइक चलाकर गांव पहुंचा, चूंकि जब तक वह गांव पहुंचा, घरवाले व ग्रामीण उसकी बहन की चिता को अग्नि देकर लौट गए थे, ऐसे में वह सीधे श्मशान घाट पहुंचा और बहन की जलती चिता पर लेट गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया, चूंकि उस दौरान चिता के पास कोई नहीं था, इस कारण वह भावुक होकर चिता पर लेट गया, जिसके कारण वह काफ झुलस गया था, इस बात की जानकारी काफी देर बाद ग्रामीणों को लगी, तो वह उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक वह रास्ते में ही दम तोड़ चुका था, इसके बाद बहन की चिता के पास ही भाई की चिता जलाई गई, ये नजारा देखकर हर किसी की आंखों में आंसू छलक उठे। इस मामले में सोमवार को ये बात पता चली कि चचेरा भाई धार से सागर जिले तक करीब 450 किलोमीटर बाइक चलाकर पहुंचा था, वह इस दौरान भूखा-प्यासा था और उसने अपनी बहन की चिता पर लेटकर ही जान दे दी।
कर्रापुर चौकी प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह के अनुसार करण सिंह के चाचा व अन्य परिजन मझगुवां में रहते हैं, जबकि करण अपने पिता उदय सिंह व परिवार के साथ धार में रहता है। दो दिन पहले खेत पर जाने का कहकर निकली ज्योति अचानक लापता हो गई। परिजन उसकी तलाश करते रहे। अगले दिन सुबह उसका शव पास के कुएं में उतराता मिला। शव निकालने और पुलिस कार्र्रवाई के बाद गांव के मुक्तिधाम पर ज्योति के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
करण सिंह को शनिवार को चचेरी बहन की कुएं में गिरकर डूबने से मौत का पता लगा तो वह दुखी हो गया। वह बाइक लेकर निकला और इंदौर- भोपाल होते हुए दोपहर में अपने गांव मझगुवां पहुंचा। वह घर की जगह सीधे मुक्तिधाम आया और वहां बहन की सुलगती चिता को काफी देर तक देखकर विलाप कराता रहा और फिर उसी पर लेटकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बेटी के बाद बेटे की मौत की खबर से पूरा परिवार सदमे में आ गया। पोस्टमॉर्टम के बाद मिले करण के शव का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में बहन ज्योति की चिता के पास ही किया गया।
Published on:
13 Jun 2022 03:41 pm
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