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इस शहर में तीसरी आंख को हुई मोतियाबिंद की बीमारी, ठप पड़ी निगरानी… जानिए क्या है मामला

पोल क्षतिग्रस्त होने से पुलिस की निगरानी ठप पड़ी है
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सागर

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Sanjay Sharma

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Updated: 30 Nov 2017, 11:20 AM IST

cctv camera not working properly

cctv camera not working properly

सागर. शहर में पुलिस ने आठ नए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया है, जबकि तकनीकी खराबी या हादसों की वजह से लंबे समय से खराब पड़े कैमरों की मरम्मत की ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं है।

शहर में पुलिस विभाग द्वारा 35 पाइंट पर 188 कैमरे लगाए गए हैं। राहतगढ़ बस स्टैंड, बहेरिया और बम्होरी तिराहे के तीन पॉइंट पर लगे 13 कैमरे तीन माह से ज्यादा समय से बंद हैं। वाहनों की टक्कर से एक स्थान पर कैमरों में तकनीकी खराबी आ गई थी, जबकि दो स्थानों पर पोल क्षतिग्रस्त होने से पुलिस की निगरानी ठप पड़ी है। ये तीनों स्थान शहर में प्रवेश के मुख्य पाइंट हैं, जहां से शहर में प्रवेश करने वाले वाहन या लोगों पर पुलिस सतत निगरानी कर सकती है, लेकिन ये कैमरे महीनों से बंद ही पड़े हैं।

इसलिए हुई देरी
कैमरों के प्रभारी एसआई आरकेएस चौहान के अनुसार वाहनों की टक्कर के बाद क्षतिग्रस्त कैमरों का मामला प्रकरण के कारण लंबित है। बंद 13 कैमरों में 3 पीटीजेड हैं, जबकि 10 फिक्स कैमरे हैं। हाल ही में कैमरों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत कराकर उन्हें चालू किया जाएगा।

कैमरों के लिए चिह्नित 8 पॉइंट
केंद्रीय विवि परिसर, झंडा चौक, गोपालगंज, लच्छू तिराहा, कोतवाली, तिली तिराहा, डिंपल पेट्रोल पंप, गेट न.२५, पटकुई-फोरलेन हाईवे का जोड़, भैंसा नाका, झांसी रोड, मकरोनिया रेलवे स्टेशन के सामने।

सतत निगरानी करने में पुलिस को होगी आसानी
कैमरों की बढ़ती उपयोगिता और वारदात के बाद आरोपियों तक पहुंचने में मिलने वाली मदद को देखते हुए मुख्यालय स्तर पर आबादी के अनुपात में कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। 35 पाइंट पर कैमरों के अलावा अब 8 नए पाइंट भी चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटकुई में हाईवे से जुडऩे वाले मार्ग और मकरोनिया रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर १ के बाहर का हिस्सा शामिल है।

वारदातों में हाथ से निकले बदमाश
बहेरिया तिराहा, फोरलेन सहित तीन हाईवे पर स्थित है, जिससे यहां गतिविधियों की निगरानी जरूरी रहती है। लेकिन सीसीटीवी कैमरे बंद होने से कुछ माह से यहां होने वाले विवाद के बावजूद पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच पाती है। करीब तीन माह पहले ही चौराहे पर एक युवक ने हाइवे फायर कर दिया था लेकिन उसकी पहचान करने वाला कोई व्यक्ति पुलिस नहीं तलाश सकी। बम्होरी चौराहे के नजदीक दो माह पहले रहली क्षेत्र के बाइक सवार दो युवकों को अज्ञात वाहन रौंदकर चला गया लेकिन सीसीटीवी कैमरे न होने से आज तक वाहन की पहचान नहीं हो सकी। राहतगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र में आए दिन झगड़े होते हैं लेकिन यहां भी पुलिस की निगरानी नहीं हो पा रही है।