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मुंबई के शातिर अड़ीबाज निकले एटीएम से रुपए उड़ाने वाले बदमाश

महाराष्ट्र पुलिस दोनों को कोर्ट के आदेश पर मुंबई लेकर हुई रवाना

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सागर

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Sanjay Sharma

Dec 01, 2017

criminals from mumbai

criminals from mumbai

सागर. एटीएम बूथ में युवक को झांसा देते हुए मशीन को हैंग कर रुपए उड़ाने वाले बदमाशों को महाराष्ट्र पुलिस मुंबई लेकर रवाना हो गई। जानलेवा हमले के एक प्रकरण में मुंबई की तुणींझ थाना पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पदमाकर पुलिस जिन्हें एटीएम हैंग कर रुपए उड़ाने वाला बदमाश समझकर पूछताछ कर रही थी वे मुंबई में अड़ीबाजी करने वाले गिरोह के सदस्य भी हैं। ये गिरोह मुंबई के कांदीवली क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण कराने में बिल्डरों से रुपए लेकर मदद करता है और धमकी-मारपीट कर फ्लैट खाली कराता है।

रेसिंग बाइक और मंहगे मोबाइल के शौकीन
मुंबई के तुणींझ थाने से आए इंस्पेक्टर दीपक ग.गिरकर ने बताया कि बिहार-उप्र के इलाकों से मुंबई में काम के लिए आने वाले अधिकांश युवक बदमाशों के प्रलोभन में आकर उनके गिरोह में जुड़ जाते हैं। बिल्डरों को जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण कराने के बदले में बिना मेहनत मोटी रकम मिलती है, इसलिए ये मंहगे शौक पाल लेते हैं। रेसिंग बाइक और आईफोन-एपल मोबाइल और पिस्टल रखकर बस्तियों में रंगदारी-अड़ीबाजी भी करते हैं।

कांदीवली-नाला सोपारा में सक्रिय हैं बदमाश
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार आशुतोष मिश्रा उर्फ आशु का परिवार अरसे पहले मुंबई में आकर बस गया था। यहीं बदमाशों के संपर्क में आया और फिर खुद उनके साथ फ्लैट खाली कराने, विवादित प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में सक्रिय हो गया। आशुतोष के हाथ पर महाकाल गिरोह का टैटू भी बनवा रखा है। यह गिरोह तुणींझ थानांतर्गत झुग्गी बस्तियों के आसपास फैले नाला सोपारा इलाके में अड़ीबाजी कर लोगों से वसूली करता है।

पुलिस को बताते हैं फिटिंग का काम
मपो निरीक्षक दीपक ग.गिरकर ने बताया २२ अक्टूबर को एक युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में आशु उर्फ आशुतोष के अलावा आर्यन पंडित, विजय दुबे, अखिलेश मिश्रा, दीपक आरोपी हैं। ये सभी महाकाल गैंग से जुड़े हैं। पुलिस को दिखाने के लिए गिरोह के अधिकांश सदस्य विंडो फिटिंग का काम करते हैं जबकि असलियत में उनका काम वसूली और अवैध निर्माण के बिल्डरों का सहयोग करना है।

एक माह से लगा रहे चार राज्यों का चक्कर
मुंबई के अपराध दर्ज होने के बाद तुणींझ पुलिस से बचने के लिए आशुतोष और उसके साथी एक माह से महाराष्ट्र के अलावा मप्र, उप्र और गुजरात के कई जिलों में भटकते फिर रहे थे। वे सागर में पकड़े जाने से पहले गुजरात से घूमते हुए उप्र जा रहे थे। मुंबई पुलिस द्वारा निकाली गई मोबाइल लोकेशन की डिटेल में उनका रूट व लोकेशन भी सामने आया है। जिसके बाद पुलिस उन सभी स्थानों पर हुई एटीएम या लूट की वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

कोर्ट से मांगी मुंबई ले जाने की अनुमति
पदमाकर नगर टीआई बीएम द्विवेदी ने गुरुवार को रिमांड पूरी होने पर आरोपी आशुतोष व जितेश सिंह को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में मुंबई पुलिस ने दोनों की तलाश की जानकारी देते हुए उन्हें मुंबई ले जाने की अनुमति मांगी। जिस पर कोर्ट ने उनके आवेदन को स्वीकार कर लिया। टीआई द्विवेदी के अनुसार दोनों बदमाश शातिर हैं। पहले वे उन्हें केवल एटीएम से रुपए उड़ाने वाला बदमाश मान रहे थे लेकिन मुंबई पुलिस ने उन्हें बड़ा अपराधी बताया है।