
जल गंगा आरती
जल गंगा आरती का आयोजन स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के तहत जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में किया जाएगा
सागर. लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट के पास श्री विट्ठल रुक्मणी मंदिर के सामने वाले घाट पर जल गंगा आरती का आयोजन सोमवार की शाम 7 बजे किया जाएगा। जल गंगा आरती से पहले शाम 6 से 7 बजे तक स्थानीय संगीतकारों व अन्य कलाकारों द्वारा मधुर संगीत और अन्य कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने रविवार को झील किनारे तैयारियों का जायजा लिया और श्री विट्ठल रुक्मणी मंदिर के सामने वाले घाट पर जल गंगा आरती की तैयारियां समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। प्रति सोमवार को जल गंगा आरती में विशाल संख्या में लोगों की उपस्थिति बताती है कि उनका जुड़ाव झील से हो रहा है। इस सांस्कृतिक आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और जल, वायु, पृथ्वी आदि पर्यावरण के मूल घटकों को साफ-स्वच्छ रखते हुए भविष्य के लिए संरक्षित करने के लिए जागरूक बनाना है और इस प्रकार के आयोजन लगातार किए जाने से प्रत्येक सोमवार को जल गंगा आरती में शामिल होने वाले नागरिकों के साथ-साथ त्योहारों आदि पर दूरदराज से सागर आने वाले लोगों को भी ऐतिहासिक झील से जुडऩे का अवसर मिल रहा है।
नौकायन को मिल रहा बढ़ावा
निगमायुक्त ने कहा कि ऐतिहासिक और मराठाकाल के भव्य प्राचीन मंदिरों की विशाल श्रंृखला से लाखा बंजारा झील धार्मिक पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे नौकायन को भी बढ़ावा मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवार सहित जल गंगा आरती में शामिल होने आने वाले रहवासी और अन्य व्यक्ति यहां नाव में बैठकर झील की लहरों का आनंद लेने के बाद जल गंगा आरती में भी भक्तिभाव से शामिल होते हैं। झिलमिल दीपों से जगमगाती झील की लहरों और घाट पर जल गंगा आरती के लिए 21 दीपों वाली 11 आरतियों की रौशनी सहित आकर्षक लाइटिंग से जगमगाते घाट पर बड़ी संख्या में लोग सोमवार को शामिल होंगे।
Published on:
16 Sept 2024 05:12 pm
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